विजिलेंस ब्यूरो ने शनिवार को लुधियाना के चर्चित अनाज मंडी ट्रांसर्पोटेशन टेंडर घोटाले में शामिल दो डीएफएससी (जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान फरीदकोट डीएफएससी सुखविंदर सिंह गिल और जालंधर की डीएफएससी हरवीन कौर के तौर पर हुई है। विजिलेंस ने दावा किया कि सुखविंदर ने रिश्वत के तौर पर ठेकेदार तेलूराम से दो लाख रुपये व एक आईफोन और हरवीन कौर ने तीन लाख रुपये लेकर ठेकेदारों को टेंडर अलॉट कर दिए थे। आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
घोटाले के वक्त सुखविंदर सिंह लुधियाना पश्चिमी इलाके में तैनात था, जबकि हरवीन कौर लुधियाना पूर्वी में अपनी सेवाएं दे रही थीं। विजिलेंस के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व डिप्टी डायरेक्टर आरके सिंगला, पूर्व मंत्री आशु के पीए मीनू पंकज मल्होत्रा और इंद्रजीत सिंह इंदी को भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एसएसपी विजिलेंस रविंदर पाल सिंह संधू ने बताया कि दोनों आरोपी टेंडर कमेटी के सदस्य थे। आरोपियों के पास टेंडरों से संबंधित दस्तावेजों की जांच करने की जिम्मेदारी थी। सुखविंदर और हरविंदर ने जानबूझकर खाद्यान्न की ढुलाई में लगे वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबरों की तस्दीक नहीं करवाई। वाहनों की सूची में स्कूटर, मोटरसाइकिल के नंबर लिखे पाए गए थे, जो ढुलाई के लिए मान्य नहीं थे। ठेकेदारों की तरफ से गलत दस्तावेज पेश करने के बावजूद आरोपियों ने रिश्वत लेकर अपने चहेते व्यक्तियों व ठेकेदारों को टेंडर आवंटित कर दिए। इस मामले में विजिलेंस अब तक पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।