कैदी विशाल ने यह भी खुलासा किया कि जेल में मोबाइल के अलावा चिट्टा और आइस जैसे ड्रग्स बिकता। इस नशे को जेल के बड़े अधिकारी बेचवा रहे हैं। उसने कहा कि जेल सुधार घर नहीं, बल्कि ऐसे अधिकारियों ने बिगाड़ घर बना दिया है। जेल में कैदियों को नशेड़ी बनाया जा रहा है। उसने मांग कि है कि इन जेल अधिकारियों के बैंक खाते चेक करवाएं जाएं तो पता चल जाएगा कि इनके खाते में सैलरी के अलावा लाखों रुपये कैसे आए।
महज एक माह फोन इस्तेमाल कर पाता है कैदी
विशाल ने खुलासा कि किया कि ये तीनों अफसर उससे पूछते हैं कि किस बैरक में किस कैदी को फोन बेचा है। एक मास तक जब कैदी फोन इस्तेमाल कर लेता है तो उसे खुद ही जाकर पकड़ लेते हैं। फिर उससे पर्चा न दर्ज करवाने के लिए पैसे लिए जाते हैं, दे दिए तो ठीक नहीं तो केस कर देते हैं। उसने यह भी खुलासा किया कि एक लाख रुपये में कैदियों को सुविधायुक्त वीआईपी बैरक मिलती है। कहा कि जेल के पुरुष अधिकारी अचानक रात को महिला बैरक की चेकिंग करने चले जाते हैं।
मुझे मालूम है वीडियो के बाद मेरी खूब पिटाई होगी, हो सकता है मार भी दें
वीडियो में विशाल ने कहा कि उसे मालूम है कि इस वीडियो के वायरल होने के बाद उसकी जेल में खूब पिटाई होगी, हो सकता है उसे जान से भी मार दिया जाए लेकिन वह पीछे नहीं हटेगा। अगले वीडियो में इन अफसरों के बैंक खातों और पेटीएम में होने वाली लेनदेन का विवरण दिखाने की बात भी कही। उसने कहा कि मैंने फरीदकोट जेल में भी ऐसे धंधा करने वाले अफसरों का वीडियो बनाया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने इन अफसरों को बर्खास्त करके कैदियों को बचाने के लिए हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट, पीएम मोदी और सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से गुहार लगाई है।
जेल अधीक्षक बीएस घुम्मन ने कहा कि यह कैदी कपूरथला जेल में नहीं है। किसी और जेल से वीडियो पोस्ट की है। उसके आरोप बिल्कुल निराधार और बेबुनियाद हैं। वीडियो वायरल करने के पीछे उसकी क्या मंशा, यह वो ही जानता है।
वायरल वीडियो की करवाएंगे जांच: एडीजीपी जेल
एडीजीपी-जेल पंजाब पीके सिन्हा ने कहा कि कैदी के वायरल वीडियो के बारे में उन्हें अभी पता चला है। वैसे यह कैदी कपूरथला जेल में नहीं है। फिर भी उसकी ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं। इसकी डीआईजी जेल स्तर के अधिकारी से निष्पक्ष जांच करवाएंगे, किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जब जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनके निजी सचिव कृष्ण कुमार ने कहा कि मंत्री मीटिंग में व्यस्त हैं। इस बाबत एडीजीपी से बात करें।