हरियाणा से राज्यसभा जाने के लिए कमर कस चुके भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। उन्होंने दावा किया कि इनेलो के दो और अकाली दल के एक विधायक ने समर्थन का भरोसा दिया है। वह कांग्रेस विधायकों के समर्थन के लिए कांग्रेस हाईकमान के संपर्क में है।
सुभाष चंद्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वह और उनके परिवार के सदस्य हमेशा से ही कारोबार के साथ-साथ समाज सेवा में सक्रिय रहे हैं। शिक्षा, महिला एवं बाल विकास समेत कई क्षेत्रों में देश के अन्य सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इन्हीं कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए वह राज्यसभा में जाना चाहते हैं। चंद्रा ने अपने संगठनों के माध्यम से चलाए जा रहे समाज सेवा के कार्यों का ब्योरा देते हुए कहा कि राज्यसभा में नामित किए जाने को लेकर उनके पास पिछली सरकारों के समय से ही प्रस्ताव आते रहे हैं, लेकिन वह चुनकर ही राज्यसभा में जाना चाहते थे।
उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है। संभावित है कि इनेलो समर्थित प्रत्याशी आरके आनंद अपना नाम वापस ले लें। मतों की खरीद-फरोख्त से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि वे नामांकन दाखिल करने के बाद व्यक्तिगत रूप से किसी भी विधायक को नहीं मिले हैं। उनके करीबी मित्र ही विधायकों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने आंकड़ों के आधार पर दावा किया कि भाजपा के समर्थन से राज्यसभा जाने वाले चौधरी बीरेंद्र सिंह 31 वोट लेकर राज्यसभा गए हैं। वह उनसे दो वोट अधिक यानि 33 वोट लेकर राज्यसभा में जाएंगे।