चंडीगढ़। अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा सभी के लिए सस्ती और सुलभ होनी चाहिए। यह बात उपराष्ट्रपति व पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर वेेंकैया नायडू ने शुक्रवार को पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) के 69वें दीक्षांत समारोह के दौरान कही। मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में पहुंचे नायडू ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी शिक्षा में नवाचार और शोध के जरिए देश में क्रांति लाने की क्षमता रखती है। शोध का मुख्य लक्ष्य लोगों की जिंदगी में सुधार और खुशहाली लाना होना चाहिए। बेहतर शोध परिणामों के लिए उद्योगों और संस्थानों के बीच संबंधों को मजबूत करने की जरूरत है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा से ही व्यक्ति के निजी दृष्टिकोण, सामाजिक सामंजस्य और राष्ट्रीय विकास में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। हमारे सपनों का नया भारत आकांक्षाओं और नई दक्षताओं पर आधारित होगा। यह यूनिवर्सिटी कक्षाओं में दिए जाने वाले ज्ञान, कौशल और दृष्टिकोण, कार्यशालाओं व प्रयोगशालाओं में प्रोत्साहित किए जाने वाले नवाचारों के आधार पर निर्मित होगा। युवा दुनिया को बदलने और एक राष्ट्र के रूप में हमारे सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए सक्रिय रूप से काम करें। उच्च लक्ष्य रखें, खुद को अपने उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र के निर्माण के लिए समर्पित करें। देश की सूरत बदलने के लिए युवाओं का शिक्षित होना जरूरी है। युवाओं के कौशल को बढ़ोतरी पर देश की प्रगति संभव है।
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पंजाब-हरियाणा दोनों के राज्यपाल से निवेदन, शिक्षा में दोनों राज्य करें सहयोग
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यूनिवर्सिटी और सरकारों के बीच आपसी तालमेल होना चाहिए ताकि शिक्षा में विकास के लिए सशक्त नीतियों का निर्माण हो सके। मैं खुश हूं कि इस गर्व के पल में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय यहां मौजूद हैं। मैं आशा करता हूं कि पंजाब यूनिवर्सिटी के विकास और बेहतरीन व्यवस्था प्रदान करने के लिए दोनों राज्यों से भरपूर सहयोग मिलेगा। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री सोमनाथ प्रकाश, पीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार भी मौजूद रहे।
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828 शोधार्थियों को भेंट की पीएचडी डिग्री
पिछले तीन वर्षों में 1128 शोधार्थियों ने पीयू से शोध कार्य पूरा किया लेकिन दीक्षांत समारोह में 828 शोधार्थी ही पीएचडी की डिग्री लेने पहुंचे। इनमें पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर, ईरान, नेपाल के शोधार्थी शामिल थे। इस दौरान उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।
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तीन वैज्ञानिकों को ऑनरेरी डिग्री
दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने पीयू के भौतिक विज्ञान के एलुमनी और भारत सरकार के विज्ञान व तकनीकी परिषद के मुख्य सलाहकार डॉ. अजय कुमार सूद को ऑनरेरी डिग्री भेंट की। पीयू की ओर से को-वैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक के संस्थापक और वैज्ञानिक डॉ. कृष्ण एल्ला और इसी कंपनी की सुचित्रा एल्ला को भी ऑनरेरी डिग्री भेंट की गई लेकिन वे किसी कारणवश मौके पर मौजूद नहीं थे।
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छह सदस्यों को मिला पीयू रत्न
उपराष्ट्रपति ने एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए प्रो. जेएस राजपूत को ज्ञान रत्न, मेडिसिन में बेहतर काम करने वाले पद्मश्री वैद्य राज कटोच को विज्ञान रत्न, 2010 के वर्ल्ड कप हॉकी चैंपियनशिप में सबसे छोटी उम्र की खिलाड़ी रानी रामपाल को खेल रत्न, धर्म, गुरबाणी और साहित्य लेखन में बेहतरीन कार्य के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब बठिंडा के चांसलर प्रो. जगबीर सिंह साहित्य रत्न, एवन साइकिल के संस्थापक ओंकार सिंह को उद्योग रत्न और थंकपा पेंटिंग को नई पहचान दिलाने वाले कलाकार खांडु वांगचुक भूटिया को कला रत्न से सम्मानित किया गया।