पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) को आगे बढ़ने की जरूरत है। पहले हरियाणा भी पीयू का हिस्सा था। हरियाणा के कॉलेजों को पीयू से संबद्धता मिली हुई थी। अब एक बार फिर इस पर काम किया जाएगा और सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी। ये बातें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के चौथे ग्लोबल एलुमनी मीट में कहीं। धनखड़ इस कार्यक्रम में अपनी पत्नी सुदेश धनखड़ के साथ बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें पंजाब के मुख्यमंत्री पर भरोसा है। पीयू से हरियाणा के कॉलेजों की संबद्धता के मुद्दे पर वह खुद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात करेंगे। उन्हें विश्वास है कि सीएम मान इस दिशा में कदम उठाएंगे। इससे पीयू काफी आगे जा सकता है। इस दौरान उपराष्ट्रपति ने केंद्र की योजनाओं और राज्यसभा में सांसद के निलंबन पर मनाए गए जश्न पर भी कटाक्ष किया।
बता दें कि हरियाणा पिछले कई वर्षों से पीयू में अपना हिस्सा मांग रहा है लेकिन पंजाब की तरफ से लगातार मना किया जा रहा है। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित भी दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ इस मुद्दे पर बैठक कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। अब शनिवार को उपराष्ट्रपति ने खुद हरियाणा की हिस्सेदारी की बात करके नई बहस छेड़ दी है। उपराष्ट्रपति ने अपने भाषण में चंद्रयान की सफलता, जीडीपी, उज्ज्वला योजना, हर घर नल, डिजिटल ट्रांजेक्शन (यूपीआई) की सफलता, जी-20, पीएम के विजन, 6जी, हाईवे समेत विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार की तारीफ की।
पंजाब से जो आते हैं, उनमें कुछ खास बात होती है
मंच पर राज्यसभा सांसद विक्रम साहनी भी उपस्थित रहे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विक्रम साहनी बहुत अच्छे हैं। वह राज्यसभा में काफी अनुशासन में रहते हैं लेकिन उनका एक फेलियर भी है। वह अपनी पार्टी के एक सांसद को ऐसे नहीं रख पाए। उपराष्ट्रपति ने मंच से पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को कहा कि पंजाब से जो आते हैं, उनमें कुछ खास बात होती है। राज्यसभा ने एक सांसद को दोषी पाया और सजा दी लेकिन उन्होंने बाहर जाकर कहा कि उन्होंने जीत दर्ज की है।
ममता बनर्जी से ममता के लिए बहुत कोशिश की: धनखड़
उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का काफी सम्मान करते हैं। कहा कि ममता बनर्जी से ममता के लिए उन्होंने बहुत कोशिश की लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत अब बदल गया है। चार मुख्यमंत्रियों को नहीं पता था कि वह मुख्यमंत्री बनने वाले हैं, जिसमें से कई पहली बार विधायक बने थे। दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है लेकिन हम दुनिया से भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सभी को बहुत जिम्मेदार बनने की जरूरत है। कहा कि जिस भारत को हम सोने की चिड़िया कहते थे, उस भारत का सोना हवाई जहाज से भारत के बाहर गया और बैंकों में जमा किया गया।