गुरदासपुर की पिप्पल हवेली को यूनेस्को एशिया पैसिफिक अवॉर्ड फॉर कल्चरल हेरिटेज कंजर्वेशन में अहम स्थान प्राप्त हुआ है। पिप्पल हवेली पंजाब और हरियाणा के उन तीन विरासती प्रोजेक्टों में शामिल है जिन्हें अवार्ड हासिल हुआ है।
पिप्पल हवेली के साथ जिन्हें अवार्ड मिला है, उनमें अमृतसर में रामबाग गेट और रामपार्टस और गुरुग्राम में चर्च आफ एपीफनी भी शामिल हैं। पिप्पल हवेली गुरदासपुर जिले के गांव नवां पिंड सरदारां में स्थित एक विरासती ग्रामीण होमस्टेट है जिसे इसके सतत विकास के लिए सम्मानित किया गया।
संघा परिवार की है हवेली
पिप्पल हवेली संघा परिवार से संबंधित है, जिन्होंने अपनी पैतृक संपत्ति को पूरी लगन से बहाल किया और संभाला है। इसके अलावा गुरदासपुर को इस साल सितंबर में पंजाब के पर्यटन मंत्रालय से बेस्ट टूरिज्म विलेज का अवॉर्ड भी मिला है।
नवां पिंड सरदारां को टूरिज्म के मैप पर लाने के लिए गांव के गुरप्रीत सिंह संघा जोकि इंडियन एयरफोर्स में पायलट थे, उनकी पत्नी सतवंत कौर संघा और उनकी बेटियों सिमरन संघा, गुरमीत राय, मनप्रीत संघा, गीता संघा और नूर संघा का अहम योगदान रहा है।
करीब दो दशक पहले इन संघा बहनों ने जहां अपने विरासती हवेलियों को संभालना शुरू किया वहीं, सैर सपाटा विभाग के साथ तालमेल कर इस गांव को रुरल टूरिज्म के तौर पर उबारा। अंग्रेजी हुकूमत के शासन के समय बनी सरदारां की हवेलियों को सैलानियों के ठहरने के लिए विकसित किया। इन विरासत हवेलियों में एक का नाम कोठी और दूसरी का नाम पिप्पल हवेली है।
गुरमीत संघा, जोकि कल्चरल रिसोर्स कंजर्वेशन इनीशिएटिव (सीआरसीआई) के निर्देशक और दोनों स्थानों पर प्रयासों की अध्यक्षता करने वाले एक जाने माने कंजर्वेशन माहिर है, ने बताया कि अमृतसर के रामबाग गेट को अवॉर्ड ऑफ एक्सीलेंस, सभी श्रेणियों में मान्यता प्राप्त हुई है, जिसे यूनेस्को की ओर से संचारित किया गया है।