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सतलोक आश्रम के 'संत' रामपाल दो मामलों में बरी, अभी रहना होगा जेल में

Tue, 29 Aug 2017 07:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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rampal
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गुरमीत राम रहीम के बाद अब सतलोक आश्रम के 'संत' रामपाल को दो मामलों में बरी कर दिया गया है, लेकिन वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे और बाकी 5 केसों की सुनवाई होगी।
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  Sant Rampal has been acquitted in the two criminal cases: AP Singh Lawyer pic.twitter.com/wtPCGVowY0 — ANI (@ANI) August 29, 2017

- रामपाल पर फैसला सुनाने के लिए हिसार की सेंट्रल जेल में कोर्ट की कार्रवाई हुई। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए रामपाल पेश हुए।
  Proceedings begin via video conferencing at Hisar Central Jail No. 1 in two criminal cases against self-styled godman Rampal #Haryana — ANI (@ANI) August 29, 2017

अब इन पांच केसों में सुनवाई होगी

सतलोक आश्रम का संत रामपाल
रामपाल सहित 14 पर पुस्तक बांटकर धार्मिक भावनाएं भड़काने का केस।   रामपाल सहित 14 लोगों पर एमपी निवासी रजनी की आश्रम में मौत मामले में हत्या का केस। आश्रम में भगदड़ में पांच श्रद्धालुओं की मौत पर रामपाल और 13 पर हत्या का दूसरा केस। आश्रम से 400 गैस सिलेंडर पाए जाने के मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस।  रामपाल समेत 942 लोगों पर देशद्रोह का केस दर्ज।
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दोनों मामलों में रामपाल पर ये आरोप लगे थे

संत रामपाल
ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट मुकेश कुमार की अदालत ने FIR नंबर 426 और 427 के तहत दर्ज मामलों में बरी किया। रामपाल हिसार सेंट्रल जेल नंबर-1 में मौजूद थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही हुई है।

FIR नंबर 426 में सरकारी कार्य में बाधा डालने और 427 में आश्रम में जबरन लोगों को बंधक बनाने का केस दर्ज था। इन दोनों मामलों में प्रीतम सिंह, राजेंद्र, रामफल, वीरेंद्र, पुरुषोत्तम, बलजीत, राजकपूर ढाका, राजकपूर और राजेंद्र को भी आरोपी बनाया गया था।

बता दें कि बीते बुधवार को रामपाल के खिलाफ दर्ज FIR नंबर 201, 426, 427 और 443 के तहत पेशी हुई थी। जिसके बाद FIR नंबर 426 और 427 पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।

33 महीने से जेल में बंद रामपाल, हत्या का केस
कबीर पंथी विचारधारा के समर्थक संत रामपाल दास देशद्रोह के एक मामले में इन दिनों हिसार जेल में बंद हैं। हिसार के बरवाला में तीन साल पहले हुए विवाद के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। इससे पहले साल 2006 में भी रामपाल पर हत्या का केस दर्ज हुआ था।
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