हरमेहताब सिंह रारेवाला और अकांक्ष के दोस्त गगनदीप सिंह शेरगिल उर्फ शेरा के बीच पुरानी दुश्मनी थी। दुश्मनी की शुरुआत मनाली में हुई थी। उसके बाद रारेवाला के लांडरा स्थित फार्म हाउस में भी दोनों के बीच हाथापाई हुई थी। नौ फरवरी साल 2017 को सेक्टर नौ स्थित दीप सिद्धू के घर पर एक पार्टी रखी गई। दीप सिद्धू दोनों ही ग्रुप का कॉमन दोस्त था और उसने पार्टी में दोनों ग्रुप को बुलाया था।
उस दिन गगनदीप शेरा और अकांक्ष सेक्टर नौ स्थित बूमबाक्स में बैठे। वहां से वे पार्टी के लिए निकले। उनके साथ अदम्या राठौर व राजन भी थे। पार्टी में दोनों आरोपी हरमेहताब और बलराज आए हुए थे। पुरानी रंजिश के चलते पार्टी में ही शेरा व बलराज के बीच झगड़ा शुरू हो गया। झगड़ा बढ़ता देख अकांक्ष ने दोनों को शांत कराने की कोशिश की।
उसके बाद अकांक्ष अपने दोस्त अदम्या के साथ वहां से चला गया। देर रात अकांक्ष, अदम्या और करणयोग फिर दीप सिद्धू के घर यह देखने पहुंचे कि कहीं झगड़ा दोबारा से तो नहीं हो रहा। अकांक्ष को देखकर बलराज रंधावा भड़क गया और कहा कि ‘तू शेरा दा बाडीगार्ड लग्या है, पहलां तैनूं ही ठीक करदे आं’ यह कहते ही रंधावा ने हरमेहताब को अपने साथ बैठाया और बीएमडब्ल्यू कार से अकांक्ष को कुचल डाला। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जब पहली बार में अकांक्ष सेन की मौत नहीं हुई तो हरमेहताब ने बलराज को उकसाया और कहा कि वह अभी तक मरा नहीं है। उसके बाद बलराज ने कई बार अकांक्ष पर कार दौड़ाई।
- बीएमडब्ल्यू पर खून के निशान।
- अकांक्ष की बॉडी पर टायर का निशान मिलना।
- मौके-ए-वारदात पर खून के धब्बे।
- मौके पर मौजूद राजन के कपड़ों पर खून के निशान।
- पुलिस अधिकारियों की गवाही।
- चिकित्सा साक्ष्यों ने गवाहों की गवाही को सपोर्ट किया।
दोषी करार होने के बाद हरमेहताब क्या बोला
अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद हरमेहताब के चेहरे का रंग उतर गया। वह मायूस हो गया। उसने अदालत से बाहर जाते वक्त कहा कि जिस तरह से केस में बहस हुई थी, उससे उम्मीद थी कि उसे अदालत से न्याय मिलेगा। करीब तीन साल से वह जेल में ही है। उसे जमानत तक नहीं मिल पाई है।
- नौ फरवरी 2017 सेक्टर 9 में अकांक्ष सेन पर चढ़ाई गई गाड़ी। पीजीआई में मृत घोषित।
- 15 फरवरी 2017 हरमेहताब ने चंडीगढ़ अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की।
- 16 फरवरी 2017 हरमेहताब को हरिद्वार से गिरफ्तार किया गया।
- 20 फरवरी 2017 हत्या में इस्तेमाल की गई बीएमडब्ल्यू कार मंडी गोबिंदगढ़ से बरामद।
- 05 मार्च 2017 हत्या के अन्य आरोपी बलराज रंधावा को भगोड़ा घोषित किया गया।
- 06 मई 2017 चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में चार्जशीट दायर की।
- 18 अगस्त 2017 केस की पहली सुनवाई हुई।
- 28 अक्तूबर 2017 अदालत ने हरमेहताब पर आरोप तय किए।
- 15 अक्तूबर 2019 अदालत में मामले की अंतिम बहस खत्म।
- 18 नवंबर 2019 अदालत ने हरमेहताब को दोषी ठहराया।
मंगलवार को फैसला आने के बाद उसका मूल्याकंन किया जाएगा। अदालत ने किस आधार उसे दोषी ठहराया है, उसे समझा जाएगा। उसके बाद ही हाईकोर्ट में फैसले को चैलेंज किया जाएगा।
- सरबजीत सिंह वड़ैच, हरमेहताब के एडवोकेट
जब तक बलराज नहीं पकड़ा जाता और उसे उसके किए की सजा नहीं मिलती, तब तक हम इंसाफ के लिए लड़ते रहेंगे।
-अरुण सेन, अकांक्ष के पिता