चंडीगढ़। अदालत की शरण में जाने वाले वेंडरों के लिए नगर निगम ने 13 अगस्त तक का आखिरी मौका दिया है। इस समय सीमा तक वेंडरों को अपना बकाया भुगतान जमा कराना होगा। ऐसा न करने वाले वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संयुक्त आयुक्त-2 रोहित गुप्ता के नेतृत्व में कमेटी बनेगी। कमेटी के निर्णय के आधार पर आगे का काम किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि 2019 में वेंडरों को वेंडिंग जोन में स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद कुछ वेंडर व्यवस्था से नाराज होकर अदालत की शरण में चले गए थे। कुछ वेंडर तो वापस अपने काम पर लौट आए और कुछ अभी भी अदालत की शरण में हैं। ऐसे वेंडरों को 13 अगस्त तक फीस भरने के लिए समय दिया गया है। इसके बाद टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन किया जाना है, जिसमें वेंडरों की ओर से प्रतिनिधि चुना जाना है। इन प्रतिनिधियों का चुनाव वोट के आधार पर होगा। पूरी फीस जमा करने वाले लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा।