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सब्जी से खाली थाली: महंगाई की मार से टमाटर हुआ लाल, हरी मिर्ची हुई और भी तीखी, सब्जी से उड़ी धनिया की खुशबू

Thu, 25 Nov 2021 01:07 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मुल्लांपुर/नयागांव

सार

टमाटर, शिमला मिर्च, मटर, बींस, धनिया आदि ने रसोई का बजट हिला दिया है। कोरोना के बाद लोगों को रोटी खाना भी मुश्किल हो गया है। महिलाओं का कहना है कि रसोई का बजट तकरीबन दोगुना हो चुका है। एक मध्यम वर्गीय परिवार का पहले रोजाना का रसोई का खर्चा लगभग 150-200 रुपये हर रोज था, जो अब बढ़कर 350-400 रुपये हो गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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पेट्रोल और डीजल के रेट कम होने से लोगों को उम्मीद थी कि अब उनके घर का बजट नहीं बिगड़ेगा लेकिन इसे अभी कुछ ही दिन हुए थे कि अब सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। खाने की थाली पर महंगाई की मार पड़ रही है और टमाटर, हरी मिर्च, धनिया और प्याज के दामों ने जहां खाने का जायका बिगाड़ दिया है। वहीं, शिमला मिर्च, मटर, बींस के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। 

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हालात यह है कि लोग दालों की तरफ मुड़ने लगे हैं। लोगों का कहना है कि चार लोगों के मध्यवर्गीय परिवार की रसोई का केवल सब्जी का बजट चार से छह हजार तक बढ़ गया है। क्योंकि सब्जियों के दाम सबसे अधिक बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं इस वजह से कई घरों में नोंक झोंक हो रही है।

पिछले दिनों लगातार बढ़ते हुए पेट्रोल-डीजल के दामों के कारण पूरे देश मे हाहाकार मच गया था। सरकार को मजबूरन पेट्रोल-डीजल के दामों को कम करने के लिए वैट कम किया गया लेकिन पेट्रोल-डीजल के दाम भी कम होने के कारण सब्जियों के दामों पर लगाम नहीं लग पाई है। इस कारण आम जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। कोई भी सब्जी बनानी हो तो टमाटर और धनिया अमूमन सभी सब्जियों में इस्तेमाल किया जाता है। इस समय सबसे ज्यादा टमाटर के दाम परेशान कर रहे हैं। 

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लोगों का कहना है कि पहले कभी टमाटर के दाम इस प्रकार एकदम से नहीं बढ़ थे। पिछले एक महीने से टमाटर के दाम लगातार अपने उच्चतम स्तर पर हैं। कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद से आम लोगों का जीवन एक तरफ जहां सामान्य होने लगा है, वहीं लोगों पर महंगाई की मार बढ़ती जा रही है। 

स्कूल खुलने के बाद बच्चों के परिवहन का भार अभिभावकों पर पड़ा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को स्कूल भेजने के लिए हर रोज सुबह सब्जी बनाना मजबूरी हो गया है लेकिन सब्जियों के दामों के कारण घर का खर्चा चला पाना मुश्किल हो रहा है। सब्जियों के दाम एक बार फिर आसमान छू रहे हैं। 

इस प्रकार हैं सब्जियों के प्रतिकिलो दाम
  • टमाटर              100-120 रुपये 
  • शिमला मिर्च         80-100 रुपये 
  • मटर                  100-120 रुपये 
  • बींस                  80-100 रुपये 
  • धनिया               150-200 रुपये 
  • हरी मिर्ची           100 रुपये 
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इस तरह पहली बार बढ़े दाम 
सब्जियों के इस तरह लगातार बढ़ते हुए दाम परेशान करने वाले हैं। पहले कभी इतने दाम नहीं बड़े थे। घर का खर्चा चलाना बड़ा ही मुश्किल हो रहा है। सरकार को सब्जियों के बढ़ते दामों पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाना चाहिए। - संगीता सिंगला, स्थानीय निवासी।

बच्चे का स्कूल टिफिन पड़ रहा भारी
कोरोना महामारी के बाद अभी बच्चों के स्कूल भी खुल गए हैं। जिससे एकदम से ट्रांसपोर्टेशन चार्ज का खर्चा बढ़ गया है। वहीं बच्चों के टिफिन के लिए हर रोज सब्जी बनाना भी मजबूरी है। टमाटर के बढ़ते दामों के कारण कोई भी सब्जी बनाने का खर्चा बहुत बढ़ गया है। - अनीता वर्मा, स्थानीय निवासी। 

सब्जी से सस्ता पड़ रहा पनीर 
हमारे घर में पहले हर रोज का रसोई का खर्चा तकरीबन 150-200 रुपये होता था। लेकिन यह खर्चा बढ़कर अब तकरीबन 350 से 400 रुपये तक हो गया है। कोई भी अच्छी सब्जी से सस्ता तो आज के समय में पनीर है। लेकिन पनीर को बनाने में भी टमाटर डालने पड़ते हैं। प्रशासन को इस तरफ अपना ध्यान देना चाहिए। - लाडी देवी, स्थानीय निवासी।

बेमौसम बरसात ने बढ़ाई लोगों की दिक्कत
पिछले दिनों बेमौसम की हुई बरसात के कारण टमाटर की काफी फसल खराब हो चुकी है। टमाटर की ज्यादातर सप्लाई मध्य प्रदेश, बेंगलुरु, महाराष्ट्र से आती थी। जो पीछे से नहीं आ पा रही थी। वहीं मटर और अन्य सब्जियों की जो पंजाब की फसल थी, वह भी बेमौसम की बरसात के कारण काफी हद तक नष्ट हो चुकी है। इन दिनों शादी-ब्याह ज्यादा होने के कारण मांग ज्यादा बढ़ी है। इस वजह से भी सब्जियों के दाम बढ़े हुए हैं। - संजय, सब्जी विक्रेता।
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