शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू भी इस बात से हैरान हैं कि चंडीगढ़ का नाम स्मार्ट सिटी की टॉप-20 की सूची में नहीं आया। यह बात नायडू ने खुद मेयर अरुण सूद को कही।
साफ-सफाई में टॉप-2 का अवार्ड लेने के बाद मेयर ने वेंकैया नायडू के साथ समारोह के बाद बैठक की। इसमें नगर निगम कमिश्नर बी पुरुषार्था और ज्वाइंट कमिश्नर राजीव गुप्ता भी मौजूद थे।
मेयर ने बताया कि उन्होंने मंत्री को कहा कि अभी भी अगर उन्हें फास्ट ट्रैक सिटी में आने का मौका मिलता है तो वह 20 स्मार्ट सिटी में शामिल शहरों के मुकाबले में ज्यादा काम कर लेंगे। सूद ने बताया कि मंत्री ने कहा है कि प्रशासन और नगर निगम अब भविष्य में स्मार्ट सिटी में आने के लिए जो प्रजेंटेशन रखेगा, उसे मजबूती से रखे।
संशोधित प्रस्ताव के लिए कंसल्टेंट रखने की प्रक्रिया शुरू
प्रशासन ने स्मार्ट सिटी का संशोधित प्रस्ताव तैयार करने के लिए कंसल्टेंट रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी सप्ताह प्रशासन कई कंसल्टेंट की प्रजेंटेशन लेगा। इसके बाद ही कंसल्टेंट फाइनल किया जाना है।
साथ ही प्रशासन ने दूसरे शहरों के प्रस्ताव का अध्ययन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। एक-एक कर हर शहर की मुख्य चीजों को गहनता से देखा जाएगा। अधिकारियों केमुताबिक वह अपने प्रस्ताव को दूसरों के प्रस्ताव के साथ मिलाकर देखेंगे कि आखिर कहां कमी रही। इसके अलावा केंद्र सरकार से भी कमियां बताने की अपील प्रशासन चिट्ठी भेजकर कर चुका है। 15 अप्रैल तक प्रशासन को अपना संशोधित प्रस्ताव शहरी विकास मंत्रालय के पास भेजना है।