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12-14 साल के बच्चों का शुरू हुआ टीकाकरण, पहले दिन सिर्फ 37 ने ही लगवाया

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चंडीगढ़। कोरोना टीकाकरण अभियान के तहत बुधवार से 12-14 साल के बच्चों को टीके की खुराक लगनी शुरू हो गई। पहले दिन शहर में बनाए गए 32 टीकाकरण केंद्रों पर महज 37 बच्चों ने टीका लगवाया। हालांकि इनमें से कई बच्चे अकेले ही टीका लगवाने पहुंचे थे। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुमन सिंह का कहना है कि अभियान के सफलता के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तो तैयारी पूरी कर ली है, अब इसमें अभिभावक व बच्चों का सहयोग चाहिए। पहले दिन की स्थिति यह थी कि शहर के विभिन्न अस्पतालों में बनाये गए केंद्रों में से कुछ जगहों पर तो एक भी लाभार्थी नहीं पहुंचा। केंद्रों पर वैक्सीनेटर व कर्मचारी बच्चों का इंतजार करते रहे। विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के कारण कम बच्चे टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। वहीं कुछ बच्चों को एक से डेढ़ महीने पहले कोरोना भी हो चुका है। ऐसे में वे भी अभी टीका नहीं लगवा सकते। इसलिए इन दोनों समस्याओं के दूर होने के बाद ही लाभार्थियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अभियान के दौरान शहर के इस उम्र के 45 हजार बच्चों को टीका लगाया जाना है।
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डॉ. सुमन ने बताया कि चिह्नित किए गए बच्चों को कॉर्बेवैक्स वैक्सीन लगाई जा रही है। पहली खुराक देने के 28वें दिन इसकी दूसरी खुराक लगाई जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले शुरू किए गए 15 से 18 साल के बच्चों को को वैक्सीन की खुराक लगाई गई जा रही है। अभियान के तहत फिलहाल अस्पतालों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों व सुखना लेक पर ही केंद्र बनाए गए हैं, क्योंकि मौजूदा समय में स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। पहले दिन टीका लगवाने के बाद किसी भी बच्चे में किसी प्रकार की परेशानी की शिकायत नहीं मिली।
बॉक्स
मौके पर भी करवाया पंजीकरण
उम्र के कॉलम को लेकर होने वाली गड़बड़ी से परेशान कुछ बच्चों ने मौके पर ही अपना पंजीकरण करवाया। उनके लिए टीकाकरण केंद्र पर पंजीकरण के लिए अलग से कर्मचारी तैनात किए गये हैं। वहीं कुछेक बच्चों ने कर्मचारियों से मदद लेकर मौके पर ही कोविन एप पर अपना पंजीकरण भी किया। बच्चों के टीकाकरण अभियान में उनकी सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन के साथ ही मौके पर भी पंजीकरण की सुविधा प्रदान की जा रही है।
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प्रिकॉशन डोज लगवाने पहुंचे बुजुर्ग
प्रिकॉशन डोज में गंभीर बीमारी की बाध्यता समाप्त होने के बाद पहले दिन केंद्रों पर टीका लगवाने वाले बुजुर्ग भी काफी संख्या में पहुंचे। उन्होंने प्रिकॉशन डोज के लिए गंभीर बीमारी की बाध्यता को समाप्त किए जाने पर खुशी जाहिर की।
इनसेट
लगवा लिया सुरक्षा का टीका
कोरोना ने हमारी जिंदगी ही बदलकर रख दी है। अच्छा हुआ सरकार ने टीका उपलब्ध करवा दिया। टीका लगवाकर अब हम भी सुरक्षित हो गए हैं।
-दिलनूर मर्ला
नहीं लगा डर, खुशी महसूस हुई
टीका लगवाने में मुझे डर नहीं लगा, बल्कि खुशी हुई। अब हम भी सुरक्षा चक्र के घेरे में हैं। कोरोना की तीनों लहर के दौरान मैं यही सोचती थी कि आखिर हमारे लिए टीका कब आएगा।
-सौम्या वर्मा
तय कर लिया था पहले ही दिन लगवाऊंगा टीका
घर के सभी बड़े सदस्यों को कोरोना का टीका लग चुका है। अब हमारी बारी है तो कैसे पीछे रह सकते हैं। मैंने तो तय कर लिया था कि पहले ही दिन टीका लगवाऊंगा।
-अरनव शर्मा
टीका लगवाकर खुद को सुरक्षित करना जरूरी
माता-पिता यही चाहते हैं कि हम सुरक्षित रहें। इसलिए टीका लगवाने में डरें नहीं। कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए टीका लगवाकर खुद को सुरक्षित करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
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-आरवी सैंगर
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