फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विधानसभा सत्र: प्रमोशन से भरे जाएंगे प्रिंसिपल व हेडमास्टर के खाली पद, PGT भर्ती प्रक्रिया जारी, TGT की जल्द

Wed, 28 Dec 2022 07:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के कृषि एवं जेपी दलाल ने कहा कि जींद शहर में नहर पर छठ पूजा के लिए घाट बनाया जाएगा। विधायक कृष्ण मिड्डा के सवाल पर जेपी दलाल ने कहा कि जींद शहर में नहर की पटरी को वहां की स्थानीय निकाय पक्का कर सकती है इसके लिए उन्होंने सिंचाई विभाग से एनओसी दिला दी जाएगी।
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि शिक्षा विभाग में खाली चल रहे पदों को प्रमोशन और नई भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल के 571 और हेडमास्टर के 302 पद खाली हैं। इनको प्रमोशन के माध्यम से भरा जाएगा और इसके लिए आवेदन मांग लिए गए हैं। इसके अलावा, विभिन्न विषयों के पीजीटी पदों के लिए 3863 पदों को भरने के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग पंचकूला को पत्र भेजा गया है। 

विज्ञापन


7471 टीजीटी के रिक्त पदों की भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग को भेजने का मामला प्रक्रियाधीन है। इन पदों पर शीघ्र ही भर्ती की जाएगी। इसके अलावा, 877 पीजीटी और 5624 टीजीटी पदों को अनुबंध आधार पर भरने के लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम को लिखा जा चुका है। 952 पीआरटी के बाद भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजा गया है। कंवर पाल ने कहा कि प्रदेश के सभी 14223 राजकीय विद्यालयो में 1871 प्राचार्य कार्यरत हैं, जबकि 742 मुख्याध्यापकों सहित 89696 अध्यापक विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। 

2023-24 तक शुरू होगा रेवाड़ी कॉलेज का निर्माण
हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा राजकीय महाविद्यालय रेवाड़ी (लड़के) के भवन निर्माण के लिए 8 एकड़, एक कनाल, 8 मरला भूमि ग्राम लिसाना में चिह्न्ति की गई है। भूमि उच्चतर शिक्षा विभाग हरियाणा के नाम स्थानातंरण हो जाने के बाद महाविद्यालय के निर्माण कार्य की प्रक्रिया वर्ष 2023-24 तक शुरू हो जाएगी। कॉलेज भवन के निर्माण के लिए 12 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति विभाग द्वारा दी है। रेवाड़ी से कांग्रेस विधायक चिरंजीवी राव के सवाल पर शिक्षा मंत्री सदन में जवाब दे रहे थे। 
विज्ञापन


जींद में नहर पर बनाया जाएगा छठ पूजा घाट
हरियाणा के कृषि एवं जेपी दलाल ने कहा कि जींद शहर में नहर पर छठ पूजा के लिए घाट बनाया जाएगा। विधायक कृष्ण मिड्डा के सवाल पर जेपी दलाल ने कहा कि जींद शहर में नहर की पटरी को वहां की स्थानीय निकाय पक्का कर सकती है इसके लिए उन्होंने सिंचाई विभाग से एनओसी दिला दी जाएगी।

तरावड़ी में अनुसंधान केंद्र फिलहाल नहीं
तरावड़ी में अनुसंधान केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव पर सरकार दोबारा विचार करेगी। फिलहाल उपयुक्त भूमि की अनुपलब्धता के कारण मुख्यमंत्री द्वारा 22 जुलाई 2022 को आगामी आदेश तक इसे स्थगित कर दिया गया है। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री ने कहा कि 9 अगस्त 2015 को सीएम ने यह घोषणा की थी। ‘पृथ्वीराज चौहान स्मारक’ के निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल जीटी रोड तरावड़ी से तीन किलोमीटर दूर स्थित है और इस स्थल की कनेक्टिविटी किसी अच्छी सड़क से नहीं है।

गुरुग्राम के किसानों को मिलेगा प्रति एकड़ 2.67 करोड़ रुपये मुआवजा 
हरियाणा के गुरुग्राम जिले की मानेसर तहसील के कासन, कुकरोला और सहरावन गांवों के किसानों को अधिग्रहित जमीन का प्रति एकड़ 2.67 करोड़ रुपये मुआवजा मिलेगा। सरकार ने औद्योगिक मॉडल टाउनशिप के विकास के लिए लगभग 1810 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। मामला कानूनी पचड़े में फंसने पर अब सरकार ने नो लिटिगेशन पॉलिसी -2022 बनाई है।
 
सरकार की नीति को किसान स्वीकार करते हैं, उन्हें पर्याप्त रूप से मुआवजा दिया जाएगा। किसान एक एकड़ भूमि के लिए कुल 1000 वर्ग मीटर के विकसित आवासीय या औद्योगिक भूखंड के लिए भी पात्र होंगे। पटौदी के विधायक सत्यप्रकाश जरावता ने शून्यकाल में किसानों का मुद्दा उठाया था। उसके मद्देनजर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने बुधवार को नीति की घोषणा विधानसभा में की। 

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2010 के भूमि अधिग्रहण के मामले में निर्णय दिया था है कि मुआवजा उस समय के रेट के अनुसार ही दिया जाए, जो 92 लाख प्रति एकड़ बनता है। गुरुग्राम में क्लेक्टर रेट अधिक हैं और इतने सालों के बाद मुआवजा दिया जा रहा है तो यह महसूस किया गया कि उन्हें थोड़ी अधिक राशि मिलनी चाहिए।
विज्ञापन

कर्ज मामले पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को दिखाया आइना
विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा द्वारा राज्य सरकार पर अधिक कर्ज होने पर मुख्यमंत्री ने आंकड़े पेश कर विपक्ष को आइना दिखाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने कैग की 2021-22 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि राज्य पर 4,15,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। जबकि वास्तविकता यह है कि कैग की रिपोर्ट में 2021-22 में हरियाणा पर कर्ज की राशि 2,39,000 करोड़ रुपये दिखाई गई है। 

हरियाणा सरकार की अकाउंट बुक्स में 2,27,697 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज है। अगर इस राशि का अंतर भी निकाला जाए तो केवल 12 हजार करोड़ रुपये की ही अंतर दिखता है, परंतु किसी भी लिहाज से राज्य पर 4,15,000 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं है। वित्त विभाग के प्रभारी मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश की ऋण की स्थिति हमेशा सही बतानी चाहिए और सदन में रखे गए तथ्य सही होने चाहिए। 

उन्होंने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। कोरोना काल के दौरान केंद्र सरकार ने कर्ज लेने की सीमा 4 प्रतिशत तक कर दी थी, जबकि हरियाणा सरकार तो इस सीमा को 2.99 प्रतिशत तक बनाए रखने में कामयाब है। कोरोना काल में केंद्र सरकार के मानदंडों के अनुसार हम 40,661 करोड़ रुपये ले सकते थे, जबकि हमने 30,000 करोड़ रुपये ऋण लिया। जबकि 2021-22 के दौरान 40,870 करोड़ रुपये का ऋण ले सकते थे लेकिन हमने 30,500 करोड़ रुपये ही लिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें