शहर के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने यूटी के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटिल को पत्र लिखकर प्रशासन की ओर से तीन कालोनियों के लोगों को 21 दिन के अंदर खाली करने के दिए गए नोटिस का मुद्दा उठाया है।
बंसल ने लिखा है कि इससे पहले भी प्रशासन ने बड़े स्तर पर कालोनी नंबर पांच में अभियान चलाकर कालोनी को हटा दिया था, जिससे वहां के कई लोग सड़कों पर आ गए थे। इनमें से उन लोगों को पुनर्वास योजना के तहत फ्लैट नहीं मिले थे जो एक निर्धारित वर्ष में शहर के मतदाता नहीं थे।
बंसल ने लिखा है कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान जब वह कुछ मतदान केंद्रों में गए थे तो उन्होंने खुद देखा था कि कई लोगों के पास चुनाव आयोग की ओर से वर्ष 2013 में जारी किए गए मतदाता पहचान पत्र थे। लेकिन, मतदाता सूची में नाम न होने से वह वोट नहीं डाल सके थे।
जिस तरह से कालोनी नंबर पांच के कई लोगों को एक निर्धारित वर्ष में वोटर सूची में नाम न होने के कारण पुनर्वास योजना के तहत फ्लैट नहीं मिल पाए थे, उसी तरह से कुलदीप कालोनी, मजदूर कालोनी और पंडित कालोनी के भी कई लोगों को इस योजना के तहत फ्लैट नहीं मिल पाएंगे।
ऐसे में कालोनी हटने से यह लोग बेघर हो जाएंगे। बंसल ने लिखा है कि इन लोगों को किसी दूसरे सुबूत के आधार पर फ्लैट अलॉट करने चाहिए।