चंडीगढ़ के कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हादसे के बाद यूटी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुल गई है। आनन-फानन में शनिवार को छुट्टी वाले दिन प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी शहर के कई हिस्सों में सूखे पेड़ों की पहचान करते दिखे।
मनीमाजरा पॉकेट नंबर 10 ठाकुरद्वारा स्थित सरकारी स्कूल के बाहर मॉडर्न कांप्लेक्स एरिया का एक पेड़ उखड़कर स्कूल की दीवार पर गिर गया। पेड़ गिरने से स्कूल की दीवार टूट गई। पेड़ की शाखाएं स्कूल की इमारत पर जा गिरीं। गनीमत रही कि हादसा शनिवार शाम साढ़े 6 बजे हुआ। स्कूल समय में यह गंभीर हादसा हो सकता था।
स्कूल चौकीदार लक्की ने बताया कि वह अंदर ही था कि धमाके की आवाज आई तो देखा स्कूल के पीछे तरफ गलवेरिया का पेड़ गिरा था। लक्की ने बताया कि पेड़ बहुत पुराना होने के कारण खोखला हो चुका है। शिक्षक राजेश, शक्तिदेव ने बताया कि स्कूल की दीवार टूटी है और इमारत को थोड़ा नुकसान पहुंचा है। बागवानी विभाग के जेई हरचंद सिंह का कहना है कि पेड़ हटाने के लिए कर्मचारी लगा दिए हैं। पेड़ सिर्फ 15 साल पुराना है। पेड़ के नीचे जड़ों को चूहों ने खोखला कर दिया है। विभाग की ओर से समय-समय पर पेड़ों को बचाने के लिए दवाई भी डाली जाती है लेकिन इस इलाके में चूहे ज्यादा होने के समस्या आ रही है।
चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हादसे से पूरा शहर भयभीत है। लोगों के जेहन में पेड़ गिरने को लेकर डर बैठ गया है। शनिवार को शहर के कई हिस्सों में लोगों के घरों पर पेड़ की टहनियां गिरने की शिकायतें आईं। इंस्पेक्टर पूनम दिलावरी के सेक्टर-39 स्थित घर की दीवार पर पेड़ की भारी-भरकम टहनी गिर गई। कुछ टहनियां घर के बाहर तो कुछ घर के अंदर गिरीं। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई।
स्कूल में पेड़ गिरने के हादसे के बाद लोग काफी डरे हुए हैं। हॉर्टिकल्चरिस्ट राहुल महाजन ने बताया कि उन्हें शनिवार को पूरे दिन में सूखे व मृत पेड़ को कटवाने के लिए 14 फोन आए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को कई की जानकारी दी है। महाजन ने कहा कि लोगों के मन में डर बैठ गया है। विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से शहर के लोग पेड़ों से डरने लग गए हैं, जोकि अच्छे संकेत नहीं है। शनिवार को पेड़ों की प्रूनिंग के लिए नगर निगम और प्रशासन के पास भी कई आवेदन पहुंचे हैं। प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने बताया कि पेड़ की प्रूनिंग या कटवाने के लिए लोगों को घर बैठे ऑनलाइन ही आवेदन करना है। स्मार्ट सिटी की वेबसाइट व मोबाइल एप पर यह सुविधा उपलब्ध है।