पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के अफसरों और कर्मचारियों के लिए यूटी प्रशासन की ओर से हाउस अलॉटमेंट को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। अब रिटायर्ड होते ही चंडीगढ़ की तरह पंजाब और हरियाणा के भी अफसरों को सरकारी मकान खाली करने पड़ेंगे। ये अफसर चाहे किसी आयोग अथवा बोर्ड के अध्यक्ष ही क्यों न हों।
यूटी प्रशासन के इस निर्णय से 7ए टाइप के 30 बड़े आवास जल्द ही प्रशासन को मिल जाएंगे। यूटी प्रशासन की ओर से हॉल ही में पंजाब और हरियाणा को एक पत्र जारी करके चंडीगढ़ की तर्ज पर ही हाउस अलॉटमेंट प्रक्रिया को चलाने की बात कही गई थी।
प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि पत्र में कहा गया था कि जिस प्रकार से चंडीगढ़ के अफसर रिटायर होने के तुरंत बाद सरकारी मकानों को खाली कर देते हैं। उसी प्रकार से पंजाब और हरियाणा के अफसरों को भी सरकारी मकानों को खाली कर देना चाहिए।
चाहे वह अफसर किसी सरकार में किसी बोर्ड या फिर आयोग का सदस्य ही क्यों न हो। पत्र में लिखा गया है कि इससे बाहर से आने वाले अफसरों को आसानी से सरकारी मकान अलॉट हो सकेगा।