अपराजित को मिठाई खिला खुशी मनाता परिवार।
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संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में हिसार के सेक्टर-14 निवासी अपराजित ने 174वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने पहले प्रयास में ही यह परीक्षा पास की है। अपराजित ने बताया कि वह हरियाणा कैडर में आना चाहते हैं। अपराजित ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में सीबीएसई से दसवीं और 2014 में बारहवीं कक्षा पास की थी।
बारहवीं में उनके 92 प्रतिशत अंक थे। इसके बाद उन्होंने आईआईटी मुंबई से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की। हालांकि यहां से पास आउट होने के बाद उन्हें एक कंपनी से 25 लाख रुपये का पैकेज का ऑफर आया था लेकिन उनका लक्ष्य यूपीएससी पास करना था तो उन्होंने उस पैकेज को छोड़ दिया।
घर पर रहकर की पढ़ाई, एक साल तक सोशल मीडिया से बनाई दूरी
अपराजित के मुताबिक उन्होंने परीक्षा के तैयारी के लिए एक साल घर पर रहकर ही तैयारी की। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग ली। अपराजित ने बताया कि वह प्रतिदिन सात-आठ घंटे पढ़ते थे। अगर किसी दिन पांच घंटे पढ़ाई करते तो अगले दिन दो से तीन घंटे और पढ़ते थे। एक साल तक सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूर रहे।
अपराजित
दिमाग को रिलेक्स करने के लिए वह फिल्म देखते थे या फिर घर वालों से बातचीत करते थे। फिलहाल जो युवा यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वे उन्हें सलाह देना चाहते हैं कि इस बात को भूल जाए कि यूपीएससी पास करने में चार से पांच साल लगते हैं। अगर आप पूरी गंभीरता से इसकी तैयारी करेंगे तो आप पहली बार में भी यह परीक्षा पास सकते हो।
एडवोकेट हैं अपराजित के पिता
अपराजित के पिता सुरेश लोहान सेशन कोर्ट में एडवोकेट हैं और मां कमला लोहान गृहिणी हैं। अपराजित की बड़ी बहन अपराजिता अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से मास्टर इन सर्जन कर रही हैं।