शहर के प्रमुख चौराहों पर 8 अंडरपास बनाने के प्रोजेक्ट पर केवल बैठकें ही हो रही हैं। पहले छह साल से चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के पास यह प्रोजेक्ट लटका हुआ था और अब छह महीने से नगर निगम अधिकारी इस प्रोजेक्ट को दबाए बैठे हैं। पिछले छह महीने से नगर निगम ने इस प्रस्ताव पर कई बैठकें की हैं, लेकिन नतीजा कोई नहीं निकला।
अब अंडरपास के लिए दोबारा बैठक होने जा रही है। इस प्रस्ताव के लिए गठित कमेटी की अगले शुक्रवार को बैठक होगी। नगर निगम ने चुनाव से पहले इस कमेटी का गठन किया था। कमेटी में पार्षद प्रदीप छाबड़ा, मनोनीत पार्षद सुरिंद्र बाहगा और एक्सईएन इंद्रजीत गुलाटी को शामिल किया गया।
नवंबर में निगम को मिला था प्रोजेक्ट
अंडरपास बनाने का प्रोजेक्ट पहले चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के पास था। छह साल से प्रोजेक्ट पर कोई काम नहीं हुआ था। नवंबर माह में यूटी प्रशासक शिवराज पाटिल ने यह प्रोजेक्ट नगर निगम को सौंपने के आदेश दे दिए थे। अब नगर निगम के अधिकारी प्रशासन से कोई लिखित आदेश न आने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। इस बारे में निगम के चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद का कहना है कि अभी तक प्रशासन से अभी कोई रिटन ऑर्डर नहीं मिले हैं।
इस बारे में मैंने चीफ इंजीनियर से बात की थी। शुक्रवार को कमेटी की बैठक रखी जाएगी और अंडरपास बनाने के लिए विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते कमेटी की बैठक नहीं बुलाई गई थी।
- प्रदीप छाबड़ा, पार्षद
चुनाव से पहले मैंने अंडरपास के लिए कमेटी का गठन किया था। अब इसकी बैठक भी बुलाई जा रही है। बैठक में अंडरपास के लिए उचित जगहों के चयन पर भी चर्चा की जाएगी।
- हरफूलचंद्र कल्याण, मेयर