2607 सरपंच पदों के लिए कुल 17,597 उम्मीदवारों ने ताल ठोकी थी। इनमें से 192 के आवेदन रद्द कर दिए गए, जबकि 5880 ने नामांकन वापस ले लिए। नौ जिलों में 133 सरपंचों को निर्विरोध चुन लिया गया। इनमें 74 पुरुष हैं और 59 महिलाएं हैं। इनमें सबसे अधिक यमुनानगर में 40, भिवानी 18, झज्जर 4, जींद 19, कैथल 23, महेंद्रगढ़ 4,नूंह 7, पंचकूला 15, पानीपत में 3 सरपंच आपसी सहमति से चुने गए हैं। अब 2474 सीटों के लिए 11391 उम्मीदवार मैदान में हैं। प्रत्याशियों में 6044 पुरुष और 5347 महिलाएं शामिल हैं।
पंचों की बात करें तो कुल 25,968 पद हैं। इनके मुकाबले 39,619 ने नामांकन किया था। इनमें से 17,158 पंच निर्विरोध चुने गए हैं, जबकि 765 के नामांकन रद्द किए गए और 4868 ने अपने नामांकन वापस ले लिए। अब कुल 8810 सीटों पर 16,832 उम्मीदवारों में मुकाबला होगा। इनमें 9593 पुरुष और 7239 महिलाएं उम्मीदवार हैं।
12,681 सीटों के लिए 34,371 उम्मीदवारों में होगा मुकाबला
प्रथम चरण के नौ जिलों में कुल 30,028 सीटें हैं। इनके लिए कुल 64,942 ने आवेदन किया। इनमें से 1038 के आवेदन रद्द कर दिए गए, जबकि 12,163 ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इसी प्रकार 17,347 पदों पर सहमति बन गई। अब कुल 12,681 सीटों पर चुनाव होगा और इसके लिए 34,371 उम्मीदवार मैदान में हैं। सीटों की बात करें तो जिला परिषद की 175, पंचायत समिति की 1222, सरपंच के 2474 और पंच के 8810 पदों पर चुनाव होना है।