शहर के सरकारी स्कूलों में छह साल से कार्यरत 200 से अधिक कांट्रैक्ट कंप्यूटर शिक्षक और डाटा एंट्री आपरेटर ने मांगे नहीं माने जाने पर प्रशासन के खिलाफ सीधे मोर्चा खोलने का फैसला कर लिया है।
कंप्यूटर टीचर्स का कहना है कि अगर दो दिन के अंदर विभाग की ओर से 25 फीसदी वेतन में बढ़ोतरी और कांट्रैक्ट रिन्यू नहीं किया गया तो नए सिरे से आंदोलन की तैयारी शुरू हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार सीबीएसई की ओर से सरकारी स्कूलों में 9वीं और 11वीं क्लास में रजिस्ट्रेशन का काम शुरू होने जा रहा है। यह पूरा काम सरकारी स्कूलों में तैनात कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स और डाटा एंट्री आपरेटर की मदद से ही करना पड़ेगा। शिक्षक नेताओं का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने तक शिक्षक इस काम का पूरी तरह विरोध करेंगे।
सोमवार को भी दोपहर बाद सेक्टर-20 मस्जिद ग्राउंड में काफी संख्या में कंप्यूटर टीचर्स रोष प्रकट करने और आगे की रणनीति बनाने के लिए पहुंचे। साठ से अधिक शिक्षक इस मौके पर मौजूद थे।
शिक्षक राष्ट्रपति से आज मांगेंगे इच्छा मृत्यु
प्रशासन की अनदेखी से दुखी कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से इच्छा मृत्यु मांगने का फैसला लिया है। चंडीगढ़ कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स प्रधान पूनम ने बताया कि मंगलवार को सभी शिक्षक राष्ट्रपति को इस संबंध में चिट्ठी पर हस्ताक्षर करेंगे।
पूनम ने कहा जब सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे कांट्रैक्ट टीचर्स को 35 हजार से अधिक वेतन मिल रहा है तो कंप्यूटर टीचर्स के वेतन में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 8 जनवरी को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने एक हफ्ते में वेतन बढ़ाने, कांट्रैक्ट रिन्यू करने और रेगुलराइजेशन पॉलिसी तैयार करने का आश्वासन दिया था।
वेतन और कांट्रैक्ट रिन्यू करने संबंधी फाइल अभी तक संबंधित फाइनेंस विभाग में नहीं पहुंची है। इतने दिनों से शिक्षा विभाग के अधिकारी हमें गुमराह कर रहे थे। अगले दो दिन में मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो 9वीं और 11वीं क्लास के बच्चों के रजिस्ट्रेशन के काम का विरोध करेंगे।
पूनम, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ कांट्रैक्ट कंप्यूटर टीचर्स