पीयू ने रोस्टर अब तक क्यों अटकाया
पीयू ने शिक्षकों के लिए भी दो बार रोस्टर बनाया, लेकिन उसमें कमियां निकाल दी गईं। इसी तरह कर्मचारियों का भी रोस्टर तैयार हुआ, उसे भी लागू नहीं किया गया। कुछ लोगों का कहना है कि यह रोस्टर पीयू में एक हथियार के रूप में प्रयोग किया जाता रहा है। शिक्षकों की जब भर्तियां निकलीं तो यह कह दिया गया कि रोस्टर लागू किया जाए।
बिना रोस्टर लागू किए हो रही हैं भर्तियां
पीयू में प्रयोगशालाओं और विभागों में अस्थायी भर्तियां हो रही हैं। कुछ भर्तियों के लिए तो विज्ञापन जारी होना था, लेकिन वह नहीं किया गया। कुछ शिक्षकों ने कहा है कि बिना रोस्टर लागू हुए यह अस्थायी भर्तियां भी न की जाएं, क्योंकि इसमें भी आरक्षित वर्ग के पद हैं। किसी लैब में तीन तो किसी में दो भर्तियां होती रहीं तो आरक्षित वर्ग को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा।
जानकारों का कहना है कि यदि आठ भर्तियां एक साथ या कई विभागों को जोड़कर निकलती हैं तो उसमें एससी, बीसी वर्ग के लिए भी पद आरक्षित होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस बारे में डीआर कार्यालय से संपर्क किया गया, लेकिन नहीं हो पाया।