पंजाब में अबोहर के गांव जोधपुर निवासी एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। उसका शव गांव कल्लरखेड़ा व पन्नीवाला के मध्य से नहर से बरामद हुआ। पुलिस ने समाज सेवी संस्था के सहयोग से उसे अस्पताल के शवगृह में रखवाया है।
सदर पुलिस को 48 वर्षीय मृतक किसान बादल के चचेरे भाई स्वर्ण सिंह ने बताया कि उसके भाई के पास पहले डेढ़ किल्ला जमीन थी लेकिन उस पर करीब 10 लाख रुपये का कर्ज था। इस कारण कुछ समय पहले उसने सात कनाल जमीन बेच दी थी। फिर भी पूरा कर्जा नहीं उतर सका।
उसने बताया कि इस बार गेहूं की फसल में अच्छी पैदावार न होने से वह मानसिक रूप से परेशान रहता था। इसी कारण बुधवार को उसका भाई घर में मलोट जाने को कहकर गया और शाम तक जब नहीं लौटा तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। गुरुवार को उसका शव नहर से बरामद हुआ है।
इधर, गुरुवार को गांव कल्लरखेड़ा व पन्नीवाला के मध्य नहर से शव मिलने की सूचना पर नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्य सोनू, मोनू ग्रोवर व रवि ने सदर पुलिस के सहयोग से शव को नहर से निकालकर शवगृह में रखवाया और परिजनों के बयान दर्ज किया। मृतक के परिवार ने सरकार से उसका कर्ज माफ करने की गुहार लगाई है।
विदेश से लौटे युवक ने फंदा लगाकर की आत्महत्या
बरनाला के गांव ढिलवां में विदेश से लौटे युवक ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 28 वर्षीय जगराज सिंह ने मंगलवार को रात घर के कमरे में गार्डर से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि जगराज सिंह घर का इकलौता चिराग था। वह गांव के लोगों से कर्ज लेकर रोजगार के खातिर सऊदी अरब गया था।
विदेश में अच्छा रोजगार न मिलने के चलते वह वापस लौट आया। जगराज सिंह पिछले छह माह से लगातार रोजगार की तलाश कर रहा था। मगर रोजगार न मिलने के चलते व कर्ज के बोझ से परेशान था। माता भी बीमार होने के कारण सिरसा के अस्पताल में भर्ती थी। माता के इलाज के लिए भी पैसे एकत्रित नहीं हो रहे थे। कर्ज व मानसिक परेशानी के चलते घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पास कोई भी खेतीबाड़ी का साधन नहीं था। गांव की पंचायत व पारिवारिक सदस्यों ने पंजाब सरकार से आर्थिक मदद की मांग की।