इसके अलावा मंगलवार रात 12:25 बजे पाक की तरफ से ड्रोन भारतीय बीओपी बस्ती राम लाल की तरफ देखा गया। मंगलवार सुबह बीएसएफ ने पाक ड्रोन के सीमावर्ती क्षेत्र में प्रवेश होने की जानकारी पुलिस को दी, ताकि पुलिस उक्त क्षेत्र को खंगाल सके कि ड्रोन कोई हथियार या फिर हेरोइन के पैकेट तो नहीं फेंक कर गया है।
एसपी (एच) ने कहा कि उन्हें संबंधित क्षेत्र से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। फिर भी तस्करों पर पैनी नजर रखी जा रही है। जिन संबंधित क्षेत्रों में पाक ड्रोन देखे गए हैं वहां से ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि एक अक्तूबर की रात को फाजिल्का के सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे, जो कई बार पाक में प्रवेश कर भारतीय क्षेत्र में आए थे। हुसैनीवाला बार्डर से सटे कई ग्रामीणों ने ड्रोन देखे जाने की पुलिस को शिकायत भी की थी। अमृतसर के सीमावर्ती क्षेत्र में पाक ड्रोन मिलने की घटना भी घट चुकी है।
पाक ने ड्रोन के जरिए भारत में बैठे आतंकियों को हथियार भी भेजे थे। ममदोट क्षेत्र से पांच एके-47 के अलावा गोला-बारूद मिला था। आशंका जताई जा रही है कि ये भी ड्रोन के जरिए ही न फेंके हो, जिसे एसटीएफ ने बीएसएफ की मदद से बरामद किए थे।
सीमा के पास घूमने पर लगाई पाबंदी
गुरदासपुर में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट तेजिंदर पाल सिंह संधू ने भारत पाकिस्तान सरहद पर घूमने फिरने की पाबंदी लगाई है। आदेश में सरहद पर लगी कंटीली तार के 500 मीटर के घेरे में तथा जहां तार नही लगी है वहां 1000 मीटर के घेरे में शाम 8 बजे से लेकर सुबह 5 बजे तक घूमने फिरने पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए गए है। यह आदेश पुलिस, आर्मी, सीआरपीएफ, बीएसएफ, होम गार्ड, केंद्रीय एक्साइज और कस्टम विभाग के कर्मचारियों तथा स्टाफ पर लागू नहीं होगा।
सैन्य ठिकानों पर आतंकी हमले के अलर्ट को देखते हुए एयरफोर्स स्टेशन हलवारा के अधिकारियों ने आसपास के गांवों में ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी लगा दी है। आसपास के गांवों के सरपंचों को बुलाकर कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति ड्रोन उड़ाने की कोशिश ना करें। कोई ड्रोन उड़ता हुआ दिखाई दिया तो उसे मार गिराया जाएगा। यही नहीं शादी समारोह में वीडियोग्राफी करने वालों से भी ड्रोन का इस्तेमाल ना करने के लिए कहा गया है।
नई आबादी अकालगढ़ सरपंच सुखविंदर सिंह कलेर ने बताया कि एयरफोर्स अधिकारियों ने उन्हें एरिया में सभी फोटोग्राफी दुकान संचालकों को ड्रोन नहीं उड़ाने की सूचना देने के लिए कहा है। अधिकारियों की तरफ से साफ निर्देश है कि दाखा उपचुनाव में राजनीतिक रैलियों में भी किसी तरह का ड्रोन नहीं उड़ाया जाएगा।