पुलिस को दी शिकायत में कश्मीरी विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि पंजाबी युवकों ने उनके समुदाय की छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की। मामला यही नहीं रुका, छात्राओं पर तंज भी कसा। जब ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो छात्राओं ने अपने परिचित कश्मीरी छात्रों को बताया जो टकराव का कारण बना। वहीं, पंजाबी युवकों का कहना था कि कश्मीरी विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं। उक्त कश्मीरी छात्राओं ने पगड़ी पर टिप्पणी की और हमारी पगड़ी उतारी। इसके बाद उनका विवाद बढ़ गया।
सीटी चेयरमैन बोले - पुलिस के साथ हमारी कमेटी जांच करेगी
बातचीत में सीटी ग्रुप के वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह ने कहा अब स्थिति पूर्ण रूप से नियंत्रण में है। घटनाक्रम को देखते हुए जांच कमेटी बनाई गई थी। वहीं, प्राथमिक जांच के बाद कमेटी ने तुरंत प्रभाव से कैंपस में उपद्रव मचाने वाले 14 विद्यार्थियों को निलंबित किया है। प्रबंधन ने आतंरिक कमेटी बनाई है, जोकि पुलिस के साथ मिलकर सारे मामले की जांच कर रही है।
जांच के बाद पुलिस इस मामले में अलग से कार्रवाई करेगी। हरप्रीत ने कहा कि इंस्टीट्यूट कैंपस के अंदर किसी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, डीसीपी (कानून-व्यवस्था) अंकुर गुप्ता ने कहा कि गलतफहमी के कारण टकराव हुआ है। हम स्थिति को संभालने के साथ जांच में दोषी पाए जाने वाले छात्रों पर कार्रवाई करेंगे।