सूत्रों से पता चला है कि आपस में प्यार करने वाली दोनों युवतियों में से बठिंडा की रहने वाली लड़की के परिजनों ने दोनों लड़कियों की शादी करने के लिए एक जगह का चयन किया। वहां सामान्य शादी की तरह खुशियां मनाई गईं। इसके बाद कलगीधर गुरुद्वारा साहिब में दोनों लड़कियों का आनंद कारज किया गया।
आनंद कारज के बाद दोनों लड़कियां मानसा चली गईं और वो अब एक साथ रह रही हैं। गुरुद्वारा साहिब में दो लड़कियों के आनंद कारज करवाने का मामला जैसे ही सिख जत्थेबंदियों के ध्यान में आया तो उन्होंने विरोध जताते हुए पहले गुरुद्वारा कमेटी के पास यह कहते हुए अपना विरोध दर्ज करवाया कि आनंद कारज करवाने वाले ग्रंथी ने सिख परंपराओं के उलट आनंद कारज करवाया है। इसके अलावा सिख संगठनों के सदस्यों ने इसकी शिकायत एसजीपीसी से की है। मामला बढ़ता देख दो लड़कियों के आनंद कारज करवाने वाले ग्रंथी ने तुरंत माफी मांग ली।
कुछ वर्ष पहले भी ऐसा मामला आया था सामने
कुछ वर्ष पहले भी जिले में दो युवतियों ने आपस में शादी रचाई थी लेकिन उस मामले में दोनों लड़कियों में से एक लड़की ने अपना जेंडर बदलवा लिया था और वो लड़के की तरह युवती के साथ रहने लगी थी।