पांच शहरों में से सबसे पहले गुरुग्राम और सोनीपत के पास शुरू होगा काम
एचएसआईआईडीसी ने हायर की निजी एजेंसी, विस्तृत रिपोर्ट पर काम शुरू
चंडीगढ़। पिछले चार साल से अटके कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) के एक्सप्रेस वे के समीप की जमीन पर नए शहर बसाने के प्रोजेक्ट ने अब गति पकड़ ली है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के ड्रीम प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगा। प्रथम चरण में दो शहरों को बसाने की योजना है। इनमें गुरुग्राम, सोनीपत के पास शहर बसाए जाएंगे। इसके लिए एचएसआईआईडीसी ने एक निजी एजेंसी को हायर किया है और आगामी दो महीने में यह एजेंसी दोनों शहरों की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करके निगम को सौंप देगी।
हरियाणा सरकार ने 2018 में केएमपी पर पांच शहर बसाने की परिकल्पना की थी। इसके बाद यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। हालांकि, मुख्यमंत्री मनोहर लाल और डिप्टी सीएम ने इन शहरों में निवेश के लिए मुंबई समेत विदेशों में जाकर प्रयास किया। लेकिन बीच-बीच में जमीन के लिए विवाद रहा और कुछ कानूनी मामले होने के चलते यह प्रोजेक्ट लटक गया था। अब तमाम कानूनी अड़चनों को दूर कर लिया गया है। शुरुआत में गुरुग्राम और सोनीपत के पास केएमपी पर यह शहर बसाए जाने हैं। एचएसआईआईडीसी के एमजी डाॅ. यश गर्ग ने कहा कि एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है, दो महीने में विस्तृत रिपोर्ट मिलने की संभावना है।
स्काॅटलैंड और सिंगापुर की तर्ज पर बनेंगे पांच नए शहर
2041 की आबादी की जरूरतों को देखते हुए यह शहर बसाए जाएंगे। इन शहरों में रिहायश के साथ-साथ कमर्शियल और औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जानी है। पांचों शहरों में विश्वस्तरीय सुविधाएं होंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के निवेशक यहां पर आएंगे। यह पांचों शहर आठ जिलों की जमीन पर बसेंगे। इनमें फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, नूंह, सोनीपत, रोहतक और झज्जर की जमीन का इस्तेमाल होगा। सोनीपत क्षेत्र में कुंडली से लेकर खरखौदा के बीच, सोहना के आसपास, पलवल के आसपास, बहादुरगढ़ और पांचवां मानेसर के आसपास की करीब 50-50 हजार हेक्टेयर जमीन पर ये नए शहर विकसित होंगे।