इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में ‘निसान’ शोरूम के सामने मोड़ पर हुई फायरिंग ही इस घटनाक्रम को सुलझाने में टर्निंग प्वाइंट हो सकता है।
यहां दिनदहाड़े पायनियर टोयोटा के दो कर्मचारियों को गोली मारकर 1.28 लाख नगद व 18 लाख के ड्राफ्ट की लूट हो गई।
राजपुरा निवासी कैशियर दीपक गोली लगने के बाद भी अपने एक साथी को फोन कर घटना की जानकारी दी।
आसपास के लोगों ने पूरा घटनाक्रम देखा, लेकिन वे जैसे ही आगे बढ़ने लगे, लुटेरों ने पिस्टल तानकर पीछे चले जाने को कहा।
टोयोटा शोरूम के सीधे करीब 200 मीटर की दूरी पर निसान शोरूम के सामने प्लॉट नंबर-401 के पास मोड़ है। अगर अपराधी मोड़ पर मुड़ने के बाद पीछा करते आए तो मोड़ पर मुड़ने के बाद ही क्यों रोका।
यह भी संदेह पैदा करता है। इस घटना में हिमाचल प्रदेश निवासी टोयोटा कर्मी प्रदीप को भी गोली लगी है।
हालांकि, पुलिस को शक है कि इस घटना में टोयोटा के ही किसी पूर्व कर्मी का हाथ है, क्योंकि लुटेरों को कैश लेकर निकलने की सटीक जानकारी थी।
आचार संहिता लागू, पर हथियारों के साथ बेखौफ घूम रहे अपराधी
चुनाव से पहले पुलिस ने 15 मार्च तक आर्म्स जमा कराने के आदेश दे दिए हैं। चुनाव आचार संहिता भी लागू है, लेकिन अपराधी बेखौफ होकर हथियारों के साथ घूम रहे हैं।
डीसीपी अश्विन शेणवी ने कहा कि 15 मार्च से स्पेशल नाके लगाए जाएंगे, ताकि आर्म्स की जांच की जा सके। फिलहाल, सीमावर्ती इलाके में नाके लगाए जा रहे हैं।
गुत्थी सुलझाने में ये हो सकते हैं मददगार
लुटेरों को कर्मियों के कंपनी से निकलने व गाड़ी की इतनी सटीक जानकारी कैसे थी?
शोरूम से निकलने के बारे में अपराधियों को कैसे जानकारी मिली?
बैंक जाने के लिए रोजाना अलग-अलग कार होने के बावजूद लुटेरों ने कर्मियों को कैसे पहचाना?
कार अगर मोड़ पर पीछा करती हुई आई तो महज 10 मीटर की दूरी पर मोड़ पर ओवरटेक कैसे किया जा सकता है?
कर्मियों के कॉल डिटेल्स भी खंगाल सकती है पुलिस
कैश लेकर निकलते समय टोयोटा शोरूम में तैनात कर्मियों की कॉल डिटेल्स से मिल सकता है अहम सुराग।
लुटेरों में से सिर्फ एक ही नकाबपोश था। हो सकता है कैश निकलने की जानकारी मिलने के बाद उसने गाड़ी में नकाब लगाया हो।
निसान के शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए आरोपी मोड़ से थोड़ा आगे घात लगाए बैठे थे।
लुटेरे टायोटा कंपनी की ही इटियोस कार में पहुंचे थे और उनकी कार पर नंबर प्लेट भी नहीं थी।