किसानों के बिस्तरों के पास पलटा ट्रक।
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पठानकोट-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लदपालवां टोल प्लाजा पर उस समय एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब देर रात एक रेत से भरा ट्रक वहां सो रहे किसानों के पास जाकर पलट गया। इस दौरान ट्रक के पहिए अलग हो गए। हालांकि, हादसे में किसी किसान को चोट नहीं आई। बताया जा रहा है कि जहां ट्रक पलटा वहां पांच किसान सो रहे थे। इसके अलावा चार पुलिसकर्मी भी वहां तैनात थे। किसानों ने चालक को पकड़ लिया और उसे तारागढ़ पुलिस के हवाले कर दिया । ट्रक चालक की पहचान धारीवाल के गांव रनिया निवासी रविंदर सिंह के तौर पर हुई है।
संयुक्त किसान मोर्चा और लोक इंसाफ भलाई वेलफेयर सोसाइटी पंजाब की तरफ से जिला प्रधान हरदेव सिंह की अध्यक्षता में किसानों ने रोष प्रदर्शन किया। लोक इंसाफ भलाई वेलफेयर सोसाइटी पंजाब के उपाध्यक्ष जसवंत सिंह कोठी ने कहा कि रात के समय हुई घटना की वह कड़ी निंदा करते हैं।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के ध्यान में यह मामला पिछले कई दिनों से लाया जा रहा था कि यहां पर बैरिकेड मजबूत किए जाएं। ताकि किसानों की जान की हिफाजत हो सके। लेकिन प्रशासन ने उनकी बातों को हलके में लिया और यह हादसा हो गया।
जसवंत सिंह ने कहा कि जहां हादसा हुआ वहां पर किसान बुआ सिंह निवासी माहीचक, बाबा सिंह निवासी मियानी, साहब सिंह निवासी मियानी, जरनैल सिंह निवासी समूचक, पशोरा सिंह निवासी नंगल कोठे सो रहे थे। चंद कदमों की दूरी पर ट्रक पलट गया। पास में ही चार पुलिसकर्मी भी तैनात थे।
किसान बोले- भाजपा की साजिश
जसवंत सिंह ने कहा कि इस घटना के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने कहा कि केंद्र में बैठे मोदी सरकार किसानों का धरना प्रदर्शन को बंद करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। दिल्ली में जिस तरह से किसानों पर अत्याचार हुआ है। उससे पूरा देश भली भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने इस हादसे के पीछे की वजह का पता न लगाया तो संयुक्त किसान मोर्चा और लोक इंसाफ भलाई वेलफेयर सोसाइटी पंजाब आने वाले समय में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए मजबूर होगी।