हरियाणा में एक जुलाई से बिजली की मांग बढ़ती जा रही है। हरियाणा की कुल क्षमता 12,187 मेगावाट प्रतिदिन की है, जबकि 1 जुलाई को मांग 11,384 पहुंच गई थी। इसके दो दिनों के बाद से फिर से मांग 11,800 तक पहुंच गई। निगम के अनुसार, रोजाना 25.54 करोड़ यूनिट की सप्लाई की गई।
इसलिए जलते हैं ट्रांसफार्मर
बिजली निगम के अधिकारी बताते हैं कि ट्रांसफार्मर जलने का असल कारण ओवरलोड होना है। अब भी काफी संख्या में उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका लोड अधिक है, लेकिन उन्होंने विभाग में कम लिखवा रखा है। इस कारण विभाग के पास लोड का असली आंकड़ा नहीं होता है। ऐसे में एक ही ट्रांसफार्मर पर अधिक कनेक्शन या फिर अधिक लोड होने वह जल जाते हैं। गर्मी के सीजन में लो वोल्टेज के कारण भी दिक्कत आती है। दूसरा, समय पर हर साल ट्रांसफार्मर की मरम्मत होनी होती है। अगर तेल और वायर आदि का काम नहीं होता है तो भी ट्रांसफार्मर जलने के अधिक चांस रहते हैं।
बनाए ट्रांसफार्मर बैंक, 24 घंटे में बदलने के आदेश : पीके दास
जले ट्रांसफार्मर को 24 घंटे में बदलने के आदेश दिए गए हैं। सभी सब स्टेशन पर ट्रांसफार्मर बैंक बनाए गए हैं, इसके तहत हर स्टेशन पर 5-5 अतिरिक्त डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पहले ही रखे हैं। इसके अलावा, बड़े 20 पावर ट्रांसफार्मर की अलग से व्यवस्था की गई है। अगर कहीं सब स्टेशन के ट्रांसफार्मर में दिक्कत आती है तो दूसरा लगाया जा सकता है। करनाल व गुरुग्राम में मोबाइल सब स्टेशन भी हैं, अगर कहीं दिक्कत तो इनका प्रयोग किया जाता है। - पीके दास, एसीएस, बिजली विभाग।