चार दिन में चार अवैध निर्माण सील और इनाम मिला तबादला। नौ सितंबर को सहायक टाउन प्लानर लगाए गए रमेश छाबड़ा के साथ यही हुआ है।
इस पोस्ट पर आने के बाद उन्होंने शहर की चार प्रमुख इमारतों को सील कर दिया था। अवैध निर्माणों पर सख्ती करने पर दस दिन में तीन अधिकारियों का तबादला किया जा चुका है।
शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन का चार्ज एटीपी रमेश छाबड़ा ने कुछ दिन पहले ही संभाला था। नौ सितंबर को सुबह चार्ज लेने के दो घंटे बाद ही उन्होंने टॉप एंड टाउन को सील कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने अवैध निर्माण के मामले में करोड़ों रुपये की दुकानों को भी नोटिस जारी कर दिए। यह सारी कार्रवाई चार्ज लेने वाले दिन, यानी नौ सितंबर को ही की गई।
छाबड़ा ने अगले ही दिन मॉडल टाउन के पास स्थित गोल मार्केट में भी तीन अवैध दुकानों को सील कर दिया। अमर उजाला ने मॉडल टाऊन के शिवानी पार्क के समक्ष बन रही करोड़ों रुपये की अवैध दुकानों और बाजवा कांप्लेक्स (टॉप एंड टाउन) की छत पर तैयार 11 कमरों के निर्माण को लेकर निगम की पोल खोली थी।
इसके उन्होंने अलावा मकदुमपुरा में घर के अंदर बन रही अवैध दुकान का भी काम रुकवा दिया था। यह सारी कार्रवाई महज तीन-चार दिनों में ही हुई। इसके बाद छाबड़ा परिवार समेत शिरडी चले गए। विभागीय जानकारों के अनुसार, छाबड़ा शिरड़ी गए थे और पीछे से उनका तबादला लुधियाना के लिए कर दिया गया है। इस मामले में जब उनसे फोन पर बात की गई, तो उन्होंने इतना ही कहा कि तबादले की सूचना उन्हें मिली है।
इनका भी हो चुका है तबादला
छाबड़ा से पहले परमपाल एटीपी का भी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के चक्कर में तबादला किया चुका है। तकनीकी इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह को भी पटियाला भेज दिया गया है।
अधिकारियों में नाराजगी
जालंधर के तमाम अधिकारी छाबड़ा के तबादले से नाराज है। उनका कहना है कि यदि काम करो तो तबादला कर दिया जाता है। यदि काम न किया जाए, तो डांट लगाने के साथ ही विभागीय कार्रवाई भी की जाती है।