उन्होंने कहा कि पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर अभी विचार नहीं किया गया है। बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों पर किसी तरह का दबाव नहीं है। अपने बच्चों को स्कूल भेजना या न भेजना पूरी तरह से अभिभावकों की मर्जी पर निर्भर है। स्कूल न आने वाले बच्चों की गैरहाजिरी नहीं लगाई जाएगी।
हालात बिगड़ने पर बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत लेंगे फैसला
उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई है। राज्य सरकार इसे लेकर पूरी तरह सतर्क है। अगर पहले की तरह के हालात बने तो फिर उसी हिसाब से तुरंत फैसला लिया जाएगा, क्योंकि बच्चों का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
फिलहाल बच्चे स्कूल आने के लिए और अभिभावक उन्हें भेजने के लिए तैयार हैं। स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, फेस मास्क और तापमान जांचने जैसी बातों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन सुनिश्चित कराएंगे। सभी जिला शिक्षा और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है।