पंजाब विश्वविद्यालय में ट्रांसवुमन यशिका के मामले में बनी कमेटी ने सोमवार को बैठक करके फैसला किया कि यशिका सेक्टर-14 में फैकल्टी हाउस (वर्किंग वुमन हॉस्टल के पास) में रहेंगी। हालांकि बैठक से पहले यशिका ने सुबह डेढ़ घंटे वीसी दफ्तर के बाहर धरना भी दिया, क्योंकि पीयू प्रशासन ने छात्रावास मुहैया करवाने के लिए सोमवार तक का समय मांगा था।
अमर उजाला ने ट्रांसवुमन/मैन के लिए छात्रावास की व्यवस्था के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। पीयू प्रशासन ने बयान जारी किया है कि कमेटी ने फैकल्टी हाउस में ट्रांसवुमन आशीष कुमार उर्फ यशिका के रहने के लिए एक कमरे की व्यवस्था की। यह व्यवस्था तब तक रहेगी जब तक यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की ओर से ट्रांसजेंडर के लिए छात्रावास देने के मामले में जवाब नहीं आता। इसके लिए यशिका को सामान्य छात्रावास के अनुसार ही फीस देनी होगी।
यशिका ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से ट्रांस छात्रों के लिए रहने की व्यवस्था करना सकारात्मक कदम हैं। वह इसके लिए प्रशासन की शुक्रगुजार है और आशा करती है कि पीयू में अन्य किसी ट्रांस छात्र को पढ़ने और रहने में मुश्किलें नहीं होंगी। बैठक में यशिका को भी बुलाया गया था। इसमें डीएसडब्ल्यू मैन और वुमन के साथ मानवाधिकार विभाग की अध्यक्ष भी थीं। इस दौरान उनसे पूछा गया कि वह कब शिफ्ट होना चाहेंगी। इस पर यशिका ने एक-दो दिन का समय मांगा है। बता दें कि यशिका अभी पीयू प्रशासन के खर्च पर गेस्ट हाउस में रह रही है।