मोहाली। शहर की प्रमुख एयरपोर्ट रोड पर जल्द ही ट्रैफिक का बोझ कम होने वाला है। गमाडा ने सेक्टर 81-82 और 81-84 को जोड़ने वाली नई सड़क का निर्माण शुरू कर दिया है। इस सड़क के तैयार होने से एयरपोर्ट रोड पर गुजरने वाले वाहनों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।साथ ही सेक्टर-82 स्थित जेएलपीएल इंडस्ट्रियल एरिया के उद्योगपतियों और दुकानदारों को भी बाहरी मार्ग से सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे उन्हें मुख्य सड़क पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। नई सड़क के निर्माण के बाद जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स, लांडरां और फतेहगढ़ साहिब की तरफ जाने वालों को अब सोहाना होकर लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। यह सड़क सीधे तौर पर रेलवे लाइन के समानांतर चलेगी। सेक्टर-81 से होकर सेक्टर-84 तक जुड़ जाएगी। नई सड़क पर अधिकतर हिस्सों में ट्रैफिक लाइटों की जगह गोल चौक बनाए जा रहे हैं, जिससे आवागमन आसान रहेगा।
गमाडा के अधिकारियों के अनुसार इस सड़क का अधिकांश हिस्सा पहले ही तैयार था, केवल 400 से 500 मीटर का हिस्सा अधूरा रह गया था। यह निर्माण इसलिए रुका हुआ था क्योंकि सड़क के बीच में आने वाली लगभग तीन से चार एकड़ जमीन पहले अधिग्रहित नहीं की गई थी। अब यह जमीन कुछ महीने पहले गमाडा ने अधिग्रहित कर ली है। इससे निर्माण कार्य फिर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार सड़क का शेष हिस्सा अगले एक माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट रोड से जुड़ी आवाजाही की समस्या में राहत मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल उद्योगपतियों और दुकानदारों को सुविधा होगी, बल्कि आम नागरिकों को भी जाम और लंबी दूरी की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
विधायक ने दिए थे निर्देश
सड़क के किनारे सेक्टर-81 में प्रस्तावित मोहाली मेडिकल कॉलेज के लिए भूमि भी स्थित है। इससे भविष्य में इस क्षेत्र का महत्व और बढ़ जाएगा। कुछ दिन पहले स्थानीय विधायक कुलवंत सिंह ने सड़क के अधूरे हिस्से का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। उन्होंने गमाडा के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि एयरपोर्ट रोड का दबाव कम करने और लोगों को वैकल्पिक मार्ग देने के लिए इस सड़क का कार्य तुरंत शुरू किया जाए।
क्षेत्र के लोगों को मिलेगी राहत
सड़क बनने से आसपास लगते गांवों और कई सेक्टरों के निवासियों को राहत मिलेगी। इस सड़क से सेक्टर-81 से 89 में रहने वाले सैकड़ों परिवारों को अब घूमकर एयरपोर्ट, दिल्ली या हरियाणा जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब वे लोग इस रास्ते से आवागमन कर सकेंगे। इससे जहां समय की बचत होगी वहीं दूरी भी कम होगी।