जीरकपुर। लंबे समय से चल रही राजनीतिक खींचतान और अदालती जंग के बाद आखिरकार नगर परिषद जीरकपुर के अध्यक्ष पद पर फिर से कांग्रेस नेता उदयवीर सिंह ढिल्लों विराज गए हैं। करीब 16 माह से चल रही अनिश्चितता और सत्ता संघर्ष का अध्याय मंगलवार को समाप्त हो गया। स्थानीय निकाय विभाग ने 3 अक्टूबर 2025 को पार्षदों के अविश्वास प्रस्ताव पर हुई बैठक को फेल घोषित कर दिया।
इस संदर्भ में विभाग के आदेश जारी होते ही नगर परिषद में प्रशासनिक हलचल मच गई। अध्यक्ष के कक्ष पर लगी प्रशासक की नेम प्लेट उतारकर उसकी जगह उदयवीर सिंह ढिल्लों अध्यक्ष नगर परिषद जीरकपुर की नेम प्लेट लगा दी गई। इस अवसर पर हलका प्रभारी दीपेंद्र सिंह ढिल्लों समेत कांग्रेस के पार्षद और समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस निर्णय के साथ जीरकपुर नगर परिषद की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मोड़ आ गया है। कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है।
जून 2024 में नगर परिषद के 21 पार्षद शहर के विकास को मुद्दा बनाकर उदयवीर ढिल्लों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। इसके बाद जुलाई 2024 में विपक्षी पार्षदों ने बैठक बुलाकर अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया, जिसे उदयवीर ढिल्लों ने अदालत में चुनौती दी। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। जहां अदालत ने 3 अक्टूबर 2025 को ऑब्जर्वर की देखरेख में नया अविश्वास प्रस्ताव लाने के आदेश दिया। उस बैठक में 21 पार्षद शामिल हुए थे। इसकी रिपोर्ट स्थानीय निकास विभाग को भेजी गई थी। हालांकि, एक महीना बीत जाने के बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर ढिल्लों ने दोबारा अदालत का रुख किया। इसके बाद विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर 3 अक्टूबर का अविश्वास प्रस्ताव रद्द घोषित कर दिया।
विकास कार्य तेजी से होंगे
उदयवीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि 16 माह से अध्यक्ष पद को लेकर जो कशमकश चल रही थी, वह आज खत्म हो गई है। अदालत के निर्देश और सरकार के आदेश के बाद फिर से अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल रहा हूं। आम आदमी पार्टी, अकाली दल और भाजपा ने यह लड़ाई शहर के विकास के लिए नहीं, बल्कि निजी स्वार्थ के लिए लड़ी थी। आज सच्चाई की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि अब नगर परिषद के विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे। साथ ही पिछले सवा साल में हुए सभी कामों और नियुक्तियों की जांच की जाएगी। उपाध्यक्ष पद से जुड़ा जो पत्र जारी किया गया है, उसकी भी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में सरकार आम आदमी पार्टी की है। उसके बगैर कोई काम नहीं चलेगा। चार वर्षों से नगर परिषद जीरकपुर में कोई काम नहीं हो सका तो तीन माह क्या विकास कार्य हो पाएंगे। - कुलजीत सिंह रंधावा, विधायक, डेराबस्सी हलका