पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अनाज मंडी परिवहन निविदा घोटाले में शामिल एक और व्यापारी कालू राम को गिरफ्तार किया है। कालू राम को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। कालू राम फरीदकोट के जैतो मंडी की नवी आबादी का रहने वाला है।
विजिलेंस ने 16 अगस्त 2022 को 16 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु , ठेकेदार तेलु राम, जगरूप सिंह, संदीप भाटिया, आढ़ती अनिल जैन, कृष्ण लाल धोतीवाला, सुरिंदर कुमार धोतीवाला, डीएफएससी सुखविंदर सिंह गिल और हरवीन कौर के अलावा पूर्व मंत्री आशु के निजी सहायक पंकज उर्फ मीनू मल्होत्रा और इंदरजीत इंदी को गिरफ्तार किया गया था। व्यापारी कालू राम की गिरफ्तारी के बाद कुल संख्या 12 हो चुकी है।
सिविल सप्लाई विभाग पंजाब के डिप्टी डायरेक्टर राकेश कुमार सिंगला को भगोड़ा करार दिया गया है। वहीं, सेवामुक्त डीएफएससी सुरिंदर बेरी और पनसप के डीएम जगनदीप ढिल्लों को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दी थी। परमजीत चेची की अग्रिम जमानत याचिका सर्वोच्च अदालत ने रद्द की थी। व्यापारी कालू राम पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु और डिप्टी डायरेक्टर राकेश कुमार सिंगला का करीबी है।
बाहरी राज्यों का धान पंजाब का बताकर एमएसपी पर बेचा
विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना रेंज के एसएसपी रविंदरपाल सिंह संधू ने बताया कि आरोपी व्यापारी कालू राम ने राजनीतिक और प्रशासनिक शह पर फर्जी बिलों के जरिये एमएसपी पर अन्य राज्यों से धान की खरीद कर राइस मिलर कृष्ण लाल धोतीवाला और सुरिंदर कुमार धोतीवाला को दिया। धोतीवाला भाइयों ने दूसरे राज्यों के किसानों की ओर से उनकी दुकानों पर बेचा लुधियाना का बताकर फर्जी बिल बनाकर कमीशन एजेंटों और आढ़तियों को भी फायदा पहुंचाया। घोटाले में राज्य सरकार को धान की फसल एमएसपी पर बेचकर अधिक मुनाफा कमाया गया। गौरतलब है कि धोतीवाला भाइयों की एक फर्म पर पिछले दिनों धान के तोल में गड़बड़ी करने के आरोप में जुर्माना भी लगाया गया है।