खिलाड़ियों और सैनिकों के लिए विख्यात हरियाणा में गैंगस्टर भी कम नहीं हैं। पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद ये सुर्खियों में हैं। इसके पीछे बड़ा कारण इनका हत्याकांड में सीधे शामिल होना है। प्रदेश के कई छोटे गैंग मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार लॉरेंस बिश्नोई की शरण में आ गए हैं। छोटे गुर्गे अब बड़े गैंग में शामिल होने लगे हैं।
खुफिया विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 144 कुख्यात अपराधी सक्रिय हैं, इनमें से 13 फरार चल रहे हैं। 108 अपराधी विभिन्न जेलों में बंद हैं, 22 जमानत पर हैं और एक पैरोल पर बाहर है। हरियाणा में सबसे अधिक गैंगस्टर्स रोहतक जिले में हैं, इनकी संख्या 13 है। गुरुग्राम और हिसार जिले में 11-11 गैंगस्टर हैं। जींद, नूंह में 8-8, भिवानी, दादरी, फरीदाबाद, नारनौल में 6-6, फतेहाबाद, झज्जर, पलवल, पानीपत, पंचकूला, सोनीपत में 7-7 कुख्यात अपराधी हैं। अंबाला, हांसी, कैथल, यमुनानगर 5-5, रेवाड़ी में 4, कुरुक्षेत्र में 2, सिरसा में एक कुख्यात बदमाश है।
ये कुख्यात अपराधी जुड़े हैं लॉरेंस गैंग से
रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के कई गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़ गए हैं। इनमें दीपक उर्फ टीन्नू भिवानी, रोहित निवासी गांव खोड़, जंदेहड़ी शाहाबाद कुरुक्षेत्र निवासी राजन, मनोज मोरखेड़ी रोहतक, विकास उर्फ मटरी निवासी सैमाण, संदीप उर्फ काला, जठेड़ी, राई, सोनीपत, वीरेंद्र उर्फ काला, मिंटू सोरड़ा जदीद भिवानी, लक्ष्मी गार्डन यमुनानगर गैंग के संपर्क हैं।
ये सभी बदमाश अलग-अलग जेलों में बंद हैं और इन पर हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी, जान से मारने की कोशिश आपराधिक मामलों में संलिप्त है। इसके अलावा, ये पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, एनसीआर के क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया है। भिवानी के गांव मिट्ठी निवासी सोनू मिट्ठी 42 दिन की पैरोल पर बाहर है। पहले यह फरीदाबाद की जेल में बंद था। इनके अलावा, भी कुछ छोटे गुर्गे बड़े गैग का हिस्सा बन रहे हैं।