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राहत, जनवरी में लॉन्च होगी 108 एंबुलेंस सेवा

Tue, 08 Dec 2015 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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टोल फ्री एंबुलेंस सेवा 108 चंडीगढ़ में जनवरी के पहले हफ्ते में लॉन्च होने जा रही है। एंबुलेंस सेवा को पुलिस का कंट्रोल रूम संभालेगा। इस संबंध में चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग्स भी हो चुकी हैं।
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जल्द ही प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। फिलहाल सिर्फ छह एंबुलेंस शहर में उतरेंगी। प्लान सक्सेसफुल होने के बाद एंबुलेंस की सेवा भी बढ़ाई जा सकती है। इन सभी एंबुलेंस के स्थान तय होंगे। ये सभी एंबुलेंस उसी तय स्थान पर खड़ी होंगी और कॉल आते ही एंबुलेंस को स्पॉट पर भेजा जाएगा। मरीजों को 108 पर ही कॉल करनी होगी।

स्वास्थ्य विभाग का यह प्रपोजल पिछले डेढ़ साल से अधर में है। दो बार टेंडर अपलोड किए गए, लेकिन तकनीकी कारणों से प्रपोजल सिरे नहीं चढ़ा। चंडीगढ़ पुलिस के कंट्रोल रूम की यूएसपी है कि 100 नंबर मिलाते ही पीसीआर वैन मात्र दो से तीन मिनट में पहुंच जाती है।
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स्वास्थ्य विभाग भी एंबुलेंस के लिए यही तेजी चाहता है कि फोन घुमाते ही एंबुलेंस मरीज के पास पहुंच जाए। इस संबंध में पुलिस के सामने प्रस्ताव रखा गया। पुलिस ने प्रस्ताव को मान लिया है। आखिरी मुहर लगनी इसमें बाकी है। दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से एंबुलेंस को तैयार करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

एडवांस तकनीक से भरपूर है एंबुलेंस
टोल फ्री एंबुलेंस सेवा के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास अभी छह एंबुलेंस हैं। सभी एडवांस तकनीक से लैस हैं। इसमें रिसेसिटेशन यानी सीपीआर होगा, जो मरीजों को होश में लाने का काम करेगा। इसके अलावा स्ट्रेचर हैं, जो आसानी से मूव हो सकेंगे।

इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन या नर्सें होंगी, जो गंभीर मरीजों को जरूरी ट्रीटमेंट देने की कोशिश करेंगे। इसमें सभी ट्रेंड स्टाफ होगा, जो मरीजों की जान बचाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एंबुलेंस के नाम पर जीरो है चंडीगढ़
चंडीगढ़ में अभी जो भी एंबुलेंस चल रही है, वे एंबुलेंस के नाम पर जीरो हैं। वे सिर्फ मरीज को अस्पताल पहुंचाने का काम करती हैं। पीजीआई के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर ने बताया कि ट्रामा के मरीज को अस्पताल तक ठीक ढंग से लाना भी एक तरह का टास्क है। अभी तो जिस तरह से मरीज को एंबुलेंस में डाला जाता है और अस्पताल लाया जाता है। उसके लिए एंबुलेंस में ट्रेंड स्टाफ तक नहीं है।
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