फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ई-वाहनों को चार्ज करने के लिए पार्किंग में लगेंगे फास्ट चार्जिंग स्टेशन, केंद्र ने दी मंजूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही शहर में 37 फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगने जा रहा है। केंद्र सरकार ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी फेम इंडिया स्कीम फेस-दो के तहत शहर के लिए 70 फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी दी है।
विज्ञापन

प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 37 फास्ट चार्जिंग स्टेशन लगाने पर काम शुरू कर दिया है और जनवरी माह के अंत तक इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। विभिन्न सेक्टरों की पार्किंग में ये चार्जिंग स्टेशन लगा रहे हैं, ताकि लोग आसानी से अपनी गाड़ियों को चार्ज कर सकें। शहर में प्रदूषण की मात्रा को कम करने के लिए प्रशासन इलेक्ट्रिक वाहन नीति भी ला रहा है, जिसका ड्राफ्ट लगभग तैयार हो चुका है। इसे जल्द ही जारी किया जाएगा और लोगों से सुझाव मांगे जाएंगे। सुझावों के आधार पर नीति को लागू कराया जाएगा। नीति में कई इंसेंटिव स्कीम भी लाई जाएंगी। ई-वाहनों के लिए चार्जिंग की क्या व्यवस्था होगी और लोगों को कितना पैसा खर्च करना पड़ेगा। इसे लेकर नीति में विस्तृत जानकारी होगी। ई-वाहनों को पंजीकरण शुल्क, रोड टैक्स, पार्किंग फीस में रियायत मिलेगी। प्रशासन ने लगभग नीति को तैयार कर लिया है।
चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर अब तक 24 चार्जिंग स्टेशन लगाए गए
लोकसभा में पूछे गए एक सवाल पर मंत्रालय ने जवाब दिया है कि चंडीगढ़ के लिए 70 चार्जिंग स्टेशनों की मंजूरी दी है, जबकि फेम इंडिया स्कीम के पहले फेज के तहत 48 चार्जिंग स्टेशन पहले ही लगाए जा चुके हैं। फेम-1 के तहत चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे के लिए 22 चार्जिंग स्टेशन मंजूर किए गए थे, जबकि हाईवे के साथ ही 20 स्थानों पर सोलर बेस्ड चार्जर भी लगाए जाएंगे। बताया गया कि चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे पर अब तक 24 चार्जिंग स्टेशन लगाए जा चुके हैं।
विज्ञापन

चंडीगढ़ के साथ पड़ोसी राज्य भी बना रहे ईवी नीति
दिल्ली सरकार ईवी नीति लागू कर चुकी है, जबकि चंडीगढ़ समेत हरियाणा, आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश मेघालय, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य अपनी ईवी नीतियों को अंतिम रूप दे रहे हैं और जल्द ही इसकी घोषणा भी कर सकते हैं। प्रारूप यूटी प्रशासक से मंजूरी के बाद चंडीगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन नीति को पांच साल के लिए लागू किया जाएगा और उसके बाद बदली हुई शर्तों के अनुसार संशोधित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने हाल ही में लोगों की मदद के लिए ई-अमृत वेबसाइट भी लांच की है। जहां इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी सभी जानकारियां जैसे उनकी खरीद, निवेश के अवसरों, नीतियों और सब्सिडी के लिए जानकारी मिलेगी।
दो करोड़ खर्च कर 9 स्थानों पर लगाए हैं चार्जिंग स्टेशन
चंडीगढ़ रिन्यूअल एनर्जी एंड साइंस, टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (क्रेस्ट) की ओर से दो करोड़ खर्च कर शहर में 9 स्थानों पर इलेक्ट्रिक वाहनों के 46 चार्जिंग प्वाइंट बनवा दिए हैं। एक साल बीतने के बाद भी इन्हें बिजली कनेक्शन तक नहीं मिला है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अगले दो माह में लोगों को इनका लाभ मिलने लगेगा। शहर के सभी विभागों से तालमेल बनाकर चार्जिंग प्वाइंट लगाने का कार्य भी क्रेस्ट को ही करना है।
हर सेक्टर में होगा एक चार्जिंग प्वाइंट, दो माह बाद मिलेगी सुविधा
क्रेस्ट के अध्यक्ष देबेंद्र दलाई ने बताया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए हर सेक्टर में एक चार्जिंग प्वाइंट लगेगा, ताकि लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए परेशान न होना पड़े। शहर के लगे सभी चार्जिंग प्वाइंट के लिए जल्द टेंडर करेंगे। जो कंपनी चार्जिंग के सबसे कम रुपये लेगी, उसे काम आवंटित कर दिया जाएगा। तभी इसके संचालन और मरम्मत का कार्य शुरू हो सकेगा।
शहर में साल दर साल बढ़ रही इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या
वर्ष वाहनों की संख्या
2021 (अब तक) 328
2020 370
2019 506
2018 212
2017 23
एक रुपये प्रति किमी से भी कम है खर्च
देबेंद्र दलाई ने बताया कि बड़ी गाड़ी के पेट्रोल का खर्चा जहां 10 रुपये प्रति लीटर होता है, वहीं इलेक्ट्रिक वाहन का खर्चा एक रुपये प्रति किमी से भी कम है। इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने में 25 से 30 यूनिट बिजली खर्च होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें