उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2017 के चुनावों में चार सप्ताह में नशा खत्म करने का वादा किया था। इसे पूरा करने में साढ़े चार साल लग गए लेकिन अब जल्दी ही पंजाब नशा मुक्त होगा। दूसरे राज्यों की सभी सीमाएं सील की जाएंगी और नशा तस्करों पर नकेल कसी जाएगी। इस बारे में डीजीपी पंजाब सहित सभी आला अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
बठिंडा में शुक्रवार को हुई बैठक का असली मकसद ही नशा मुक्ति ही था। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नशे की तस्करी को रोकने के लिए पंजाब पुलिस ने तीन घेरे बनाए हैं। रंधावा ने कहा कि केंद्र ने सोची समझी साजिश के तहत पंजाब में 50 किलोमीटर के क्षेत्र तक बीएसएफ को लगा दिया है, जो अतिनिंदनीय है। ऐसे में आधा पंजाब बीएसएफ के घेरे में आ जाएगा, जिससे आम लोगों को भी परेशानी होगी।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ में 209 लोगों की भर्ती की गई है, जिनमें पंजाब के केवल 17 ही है। केंद्र को पंजाब के लोगों पर भरोसा नहीं है, इसीलिए उन्हें भर्ती से दूर रखा गया। रंधावा ने कहा कि जेल में नशे व मोबाइल की रोकथाम के लिए भी प्रयत्न किए जा रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने साफ किया कि कैप्टन को कांग्रेस ने बाहर नहीं निकाला है, वे स्वयं गए हैं। अगर वे फिर से आते हैं तो उनका स्वागत होगा।