गणतंत्र दिवस के नजदीक दीनानगर में मिले आरडीएक्स, ग्रेनेड, ग्रेनेड लांचर व अन्य विस्फोटकों की रिकवरी के बाद से जिला पुलिस की ओर से इस केस पर बेहद गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस कारण गहनता से काम करते हुए पुलिस की ओर से पंजाब को दहलाने की साजिश में लिप्त तीन अन्य आरोपियों को इस केस में गिरफ्तार कर गुरदासपुर लाकर जांच को आगे बढ़ाया गया है।
अब तक दीनानगर थाने में दर्ज इस केस में कुल आठ आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पकड़े गए तीनों आरोपी नवांशहर में मिले आरडीएक्स तथा विस्फोटक मिलने संबंधी केस में पहले से अमृतसर में बंद थे, जिन्हें पुलिस की ओर से प्रोडक्शन वारंट पर गुरदासपुर लाया गया है। इन्हें सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
इस संबंधी जानकारी देते हुए नानक सिंह ने बताया कि गणतंत्र दिवस के नजदीक पुलिस को मिले हथियारों संबंधी उनकी ओर से विशेष जांच टीम का गठन किया गया। इसमें परत दर परत उलझी गुत्थी सुलझाने में सफलता हासिल हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंधी दीनानगर पुलिस की ओर से हरप्रीत सिंह उर्फ ढोलकी पुत्र जगीर सिंह निवासी गोहत पोखर थाना तिब्बड़, रमन उर्फ रमनी पुत्र चमेल सिंह निवासी गाजीकोट थाना पुराना शाला तथा परमिंदर कुमार उर्फ रोहित पुत्र राम लुभाइया निवासी गांव खरल दीनानगर में मिले विस्फोटक मंगवाने में लिप्त पाए गए हैं, जो शांति भंग करने की साजिश के चलते पाकिस्तान से मंगवाए गए थे।
एसएसपी सिंह ने बताया कि उक्त तीनों का नाम
नवांशहर में मिले विस्फोटकों में भी लिप्त था। उक्त तीनों पाकिस्तान आधारित इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (आईएसवाईएफ) से लिप्त हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले नवीश कुमार, सुखप्रीत सिंह उर्फ सुख घुम्मन निवासी खरल, मलकीत सिंह, तरनजोत सिंह, प्रभजोत सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि सुख भिखारीवाल तथा अशीश मसीह पहले से जेल में बंद हैं।
इसी केस में लिप्त आईएसवाईएफ के मुखी लखबीर सिंह रोड़े तथा गैंगस्टर अर्शदीप सिंह उर्फ अरश डाला विदेशों में है तथा इन दोनों सहित एक अन्य की गिरफ्तारी होना अभी शेष है।