यूपीएससी द्वारा तीन नाम सुझाए जाने के बाद यह चर्चा शुरू होना लाजिमी है कि तीनों अधिकारियों में से कौन अगला डीजीपी होगा। इस मामले में 1987 बैच के पंजाब के मौजूदा डीजीपी इंटेलिजेंस दिनकर गुप्ता का नाम सबसे आगे है। उन्हें प्रदेश में कई आतंकी मॉड्यूल और टारगेट किलिंग के मामले सुलझाने के लिए जाना जाता है। वहीं सूबे में नशे के विरुद्ध गठित स्पेशल टास्क फोर्स के प्रमुख मोहम्मद मुस्तफा का रिकार्ड भी अच्छा है लेकिन प्रदेश में उनकी पत्नी मंत्री हैं।
अगर सरकार उन्हें डीजीपी नियुक्त करती है तो आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान ही उन्हें सक्रिय ड्यूटी से अलग रखना सरकार की मजबूरी होगी। जहां तक सामंत गोयल का प्रश्न है, वे इस समय देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी रॉ में दूसरे नंबर के अधिकारी हैं और रॉ के चीफ बनने की दौड़ में भी हैं। हालांकि सीबीआई के निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा ने रिश्वतखोरी के मामले में सामंत गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई हुई है।
सीबीआई के विवाद में उलझे हैं सामंत गोयल
सामंत गोयल दुबई में रॉ के प्रमुख रह चुके हैं। इन दिनों रॉ में मौजूदा प्रमुख अनिल धसमाना के बाद दूसरे नंबर के अधिकारी हैं। वे धसमाना के इस साल दिसंबर में रिटायर होने पर एजेंसी के प्रमुख बनने की दौड़ में हैं। सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच छिड़ी जंग में सामंत गोयल का नाम भी सामने आया था। वैसे आलोक वर्मा ने रिश्वत मामले की एफआईआर में सामंत गोयल का नाम तो दर्ज कराया लेकिन आरोपी के रूप में नहीं।
पंजाब के मौजूदा डीजीपी सुरेश अरोड़ा पिछले साल 30 सितंबर को रिटायर होने वाले थे लेकिन केंद्र द्वारा डीजीपी नियुक्ति को लेकर बनाए गए नए नियमों के खिलाफ पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। इसके अलावा अगले डीजीपी की नियुक्ति तक सुरेश अरोड़ा को तीन माह का एक्सटेंशन दिए जाने की केंद्र से मांग भी कर दी।
31 दिसंबर तक चूंकि पंजाब सरकार की याचिका पर फैसला नहीं हो सका था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने सुरेश अरोड़ा का एक्सटेंशन एक माह के लिए और बढ़ा दिया। लेकिन इससे पहले कि 31 जनवरी को डीजीपी अरोड़ा सेवामुक्त होते केंद्र ने अपनी तरफ से उन्हें एक साल तक एक्सटेंशन देते हुए इस वर्ष सितंबर तक पद पर बने रहने का फैसला दे दिया।
पंजाब सरकार की सिफारिश के बिना केंद्र द्वारा डीजीपी को दिया एक्सटेंशन राज्य सरकार को अखर गया और मुख्यमंत्री ने नए डीजीपी के लिए तुरंत पैनल बनाने के आदेश जारी कर दिए। दूसरी ओर, डीजीपी अरोड़ा ने भी राज्य सरकार को पत्र सौंपकर आग्रह किया कि जल्द नए डीजीपी का चयन करके उन्हें सेवामुक्त कर दिया जाए।