प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने मंगलवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बापूधाम के कंटेनमेंट जोन और बफर जोन में कोरोना वायरस की हो रही जांच को लेकर संतुष्टि जाहिर की। साथ ही सलाह दी कि जिस व्यक्ति के कोरोना की जांच की जा रही है, उसका रिजल्ट आने तक उसे जीएमसीएच-32 व जीएमएसएच-16 में ही रखा जाए।
प्रशासक ने सभी सरकारी कर्मचारियों व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी देते वक्त सभी नियमों का पालन करें और सुरक्षा उपकरण जरूर पहनें। प्रशासक ने नगर निगम के कमिश्नर केके यादव को आदेश दिए कि वह कंटेनमेंट जोन में रोजाना सैनिटाइजेशन कराएं।
साथ ही बदनौर ने कहा कि शहर के कुछ कंटेनमेंट जोन और बफर जोन को खोलने को लेकर उनके पास कुछ प्रेजेंटेशन आईं हैं। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार उस पर काम किया जा रहा है। प्रशासक ने कहा कि उन्हें बापूधाम के लोगों को हो रही है कठिनाई और असुविधाओं के बारे में पता है लेकिन संक्रमण को रोकने के लिए इन कदमों को भी उठाना अनिवार्य है।
विदेश से 83, घरेलू फ्लाइट से आए 70 लोग
स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि अब तक शहर में विदेश से 83 लोग आए हैं, जिनमें से 16 लोगों को सात दिन तक होटल में रखने के बाद उनकी जांच की गई। जांच में रिपोर्ट के निगेटिव आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। इसके अलावा घरेलू फ्लाइट से यात्रा कर शहर में करीब 70 लोग आए हैं, जिन्हें केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार घर पर सेल्फ-मॉनिटरिंग पर रखा गया है। एडवाइजर मनोज परिदा ने कहा कि शहर के विभिन्न हिस्सों से सैंपल लिए जा रहे हैं। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन और बफर जोन की बाउंड्री को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही तय किया जाएगा।
बापूधाम के लोगों को न गंवानी पड़े नौकरी, मालिकों से किया संपर्क
वित्त सचिव एके सिन्हा ने बताया कि अब तक 31000 लोगों को स्पेशल श्रमिक ट्रेनों व बसों के माध्यम से उनके घर तक भेजा जा चुका है। डीसी मनदीप सिंह बराड़ ने बताया कि बापूधाम के कंटेनमेंट जोन घोषित होने की वजह से वहां फंसे लोगों को नौकरी न गंवानी पड़े और पूरी तनख्वाह मिले। इसके लिए यहां के लोगों से जहां वह काम करते हैं, उनके संपर्क नंबर लिए गए हैं और उनसे संपर्क किया गया है और नौकरी से नहीं निकालने के लिए आग्रह किया गया है।