केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
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पंजाब में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा केंद्र सरकार ने शुरू कर दी है। इसके लिए तीन केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ अन्य केंद्रीय मंत्री राज्य के मालवा, दोआबा और माझा क्षेत्रों में केंद्रीय योजनाओं की धरातल पर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। साथ ही प्रशासन को संदेश दे रहे हैं कि जनहित की सभी केंद्रीय योजनाओं का क्रियान्वयन तय मानकों और समय में हो।
इन केंद्रीय मंत्रियों में साध्वी निरंजन ज्योति, हरदीप पुरी और अर्जुन राम मेघवाल को योजनाओं की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। हाल ही में तीनों मंत्रियों ने मालवा, माझा और दोआबा के प्रमुख जिलों में केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के लिए जिला प्रशासन से फीडबैक लिया। केंद्रीय मंत्रियों ने समीक्षा के दौरान यह संकेत दिए हैं कि केंद्र की योजनाओं को लेकर पंजाब से लगातार शिकायतें मिल रही हैं। जिसके बाद केंद्र ने केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा का फैसला किया है।
हाल ही में जालंधर में केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना में भी गड़बड़ियों की शिकायत की गई थी, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के द्वारा योजना की समीक्षा की गई। इस दौरान कई खामियां मिलने के बाद उन्होंने स्मार्ट सिटी योजना से जुड़े अधिकारियों को कागजात अपडेट करने का निर्देश दिया। कई योजनाओं में मिली गड़बड़ियों पर केंद्र के मंत्रियों ने योजनाओं से जुड़े अधिकारियों से जवाब मांगा है। हालांकि केंद्र की इस समीक्षा को लेकर पंजाब सरकार सहित शीर्ष अधिकारी भी चुप्पी साधे हैं।
अनाज वितरण में कटौती से केंद्र नाराज
आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अन्न वितरण किए जाने की योजना में कटौती होने से केंद्र पंजाब सरकार से नाराज है। पंजाब सरकार के द्वारा इस योजना के तहत दिए जाने वाले अनाज में 11 प्रतिशत की कटौती की गई है। केंद्र की ओर से संबंधित अधिकारियों से इस मामले में जवाब मांगा है।
1178 घोटाले में चल रही जांच
पंजाब में पराली प्रबंधन को लेकर केंद्र की ओर से जारी 1178 करोड़ की राशि में घोटाला उजागर होने के बाद इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी ईडी कर रही है। बताया यह जा रहा है कि जांच में पंजाब के कई अधिकारी और बड़े सफेदपोश के नाम सामने आने वाले हैं।
केंद्र की योजनाओं को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं। अधिकारियों के पास गड़बड़ियों का जवाब ही नहीं हैं। केंद्र का पैसा जनता का पैसा है सरकार एक-एक रुपये का हिसाब लेगी। -साध्वी निरंजन ज्योति, केंद्रीय मंत्री।