गांव कोटली निवासी मनप्रीत सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए मृतकों के शव सिविल अस्पताल की मोर्चरी में लाए गए तो यहां फ्रीजर खराब होने के कारण दो घंटे तक शवों को एंबुलेंस में ही रखना पड़ा। सिविल अस्पताल में पहले तो कोई डॉक्टर नहीं मिल रहा था। जो डॉक्टर मिला तो उसने बताया कि मोर्चरी में एक फ्रीजर ही चल रहा है, जिसमें एक शव रखा गया। दो शव रखने के लिए फ्रीजर नहीं मिल रहे थे।
उन्होंने विधायक जगदीप सिंह काका बराड़ से फोन पर बात की। इसके बाद उनके कहने पर जलालाबाद रोड से एक श्मशानघाट से एक संस्था के दो फ्रीजर सिविल अस्पताल लाए गए फिर जाकर शवों को रखा गया। मृतक हरविंदर सिंह के पिता भोला सिंह पुत्र नछत्तर सिंह निवासी कोटली देवन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा मेहनत मजदूरी का कार्य करता था। उसके दो बेटे हैं।
हादसे में उसके बड़े बेटे हरविंदर सिंह की मौत हो गई है। उसका बेटा गांव के दो अन्य युवकों के साथ मुक्तसर से मजदूरी करके मोटरसाइकिल से गांव कोटली देवन की तरफ आ रहा था। इस दौरान अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिस कारण मोटरसाइकिल सवार भूपिंदर सिंह व इकबाल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और मोटरसाइकिल भी क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं, उसके बेटे हरविंदर सिंह की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। थाना सदर में तैनात एएसआई कर्मजीत सिंह ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी गई है।