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Haryana: तीन निर्दलीय विधायकों ने राजभवन को फिर भेजे समर्थन वापसी के पत्र, नया पेंच-दो पर तारीख ही नहीं

Thu, 16 May 2024 11:03 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सात मई को तीन निर्दलीय विधायकों ने नसीब सैनी सरकार से समर्थन वापस लेकर कांग्रेस के साथ आने का एलान किया था। तीनों ने इस संदर्भ में राजभवन को पत्र भेजे थे। हालांकि राजभवन ने समर्थन वापसी के पत्र किसी अन्य ई-मेल आईडी से भेजे जाने के चलते उनको खारिज कर दिया था।
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भूपेंद्र हुड्डा के साथ तीन निर्दलीय विधायक - फोटो : फाइल
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विस्तार
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हरियाणा के तीन निर्दलीय विधायकों ने नए सिरे से भाजपा सरकार से समर्थन वापसी के पत्र राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को भेज दिए हैं। 
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पूंडरी से विधायक रणधीर सिंह गोलन, चरखी दादरी से विधायक सोमबीर सिंह सांगवान और नीलोखेड़ी से विधायक धर्मपाल गोंदर ने अपनी-अपनी ईमेल आईडी से पत्र भेजे हैं। हालांकि, दो विधायकों के पत्र पर तारीख अंकित नहीं होने के चलते अब एक और पेच फंस सकता है।

बीती सात मई को तीनों विधायकों ने रोहतक में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भाजपा सरकार से समर्थन वापसी का एलान किया था। साथ ही उन्होंने कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा भी की थी। इसके चलते नायब सैनी सरकार अल्पमत में आ गई। कांग्रेस विधायकों की ओर से राज्यपाल को लिखे पत्र में दावा किया गया कि प्रदेश सरकार अल्पमत में है। ऐसे में सरकार को भंग करके राष्ट्रपति शासन लगाया जाए और विधानसभा के चुनाव करवाए जाएं। जजपा और इनेलो ने भी सरकार गिराने के लिए कांग्रेस का साथ देने की बात कही थी और राज्यपाल को पत्र लिखा था।
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किसी अन्य ईमेल आईडी से पत्र भेजने पर हुए थे खारिज
हालांकि राजभवन ने तीन निर्दलीय विधायकों की समर्थन वापसी के पत्र किसी अन्य ई-मेल आईडी से भेजे जाने के चलते उनको खारिज कर दिया था। इसी के चलते बुधवार को तीनों विधायकों ने अपने आधिकारिक ईमेल आईडी से राजभवन और विधानसभा सचिवालय को समर्थन वापसी के पत्र भेजे हैं। दूसरी तरफ, राज्यपाल के बुधवार देर रात तक राजभवन पहुंचने की उम्मीद है। कांग्रेस विधायक राज्यपाल से मिलने का समय मांग चुके हैं और ज्ञापन भी दे चुके हैं। अब राज्यपाल के रुख पर निर्भर करेगा कि वह इस पर क्या फैसला लेते हैं। कांग्रेस विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद का कहना है कि वह इस संबंध में राज्यपाल से मिलेंगे। उनके आने के बाद कार्यालय में संपर्क किया जाएगा।

इस संबंध में स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि रणधीर सिंह गोलन व धर्मपाल सिंह गोंदर के पत्र आए हैं। बताते हैं कि इस पत्र पर तारीख नहीं डाली है। इसलिए विधानसभा ने इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। हालांकि गोलन ने दावा किया है कि उन्होंने अपने पत्र पर हाथ से बुधवार की तारीख यानी 15 मई लिखी है। विधानसभा अब इस मामले में कानूनी रायशुमारी ले रही है।
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