अवैध अतिक्रमण हटाने पर विरोध जताती महिला
- फोटो : amar ujala
रामदरबार में मंगलवार को सरकारी जमीन पर बने तीन अवैध मंदिरों को एस्टेट ऑफिस ने गिरा दिए। इस दौरान प्रशासन को लोगों के रोष का सामना करना पड़ा। महिलाओं का रोष बढ़ता देख महिला पुलिस ने मोर्चा संभाला और उग्र होतीं महिलाओं को कब्जे में लिया।
मंदिरों के साथ 12 शटरिंग शेड को भी हटाया गया। इस दौरान बड़े स्तर पर सामान भी जब्त किया गया, इससे 12 ट्रक भर गए। इसके बाद सेक्टर-46 में भी अवैध बूथ और झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन यहां कुछ बूथ और झुग्गियां हटाने के बाद कार्रवाई रोक दी गई। इसके बाद लोगों ने भेदभाव करने का आरोप लगाया। आरोप लगा कि सिफारिशी लोगों की झुग्गियों को नहीं तोड़ा गया।
डीसी अजीत बालाजी जोशी के आदेशों पर सोमवार से प्रशासन ने अवैध तौर पर बनाए गए धार्मिक स्थलों के ढांचे गिराए जाने का अभियान शुरू किया गया है। सोमवार को धनास की पुनर्वास कॉलोनी में बनाए गए ढांचों को गिराया गया। छुट्टियों के कारण पांच दिन तक मामला शांत रहेगा। इसके बाद 19 अप्रैल को कैंबवाला में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलेगा।
मार्बल मार्केट पर मेहरबानी
मार्बल मार्केट पर प्रशासन की मेहरबानी बनी हुई है। इस मार्केट की ड्राइव तय करने के बाद रद्द कर दी जाती है। बार-बार ऐसा होने से प्रशासन की मंशा पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। खासकर जिन कॉलोनियों में अतिक्रमण के खिलाफ ड्राइव चलती है वह ऐसे आरोप लगाते हैं। यह पूरी मार्केट एग्रीकल्चर लैंड पर बनी है। कई बार इसके तोड़े जाने के आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई।