उन्होंने कहा कि लोगों को कोविड महामारी के प्रभाव से बचाने को यकीनी बनाना समय की जरूरत है। विभाग को किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी कर लेनी चाहिए। मीटिंग के दौरान भगवंत मान ने इस महामारी के साथ कारगर ढंग से निपटने के लिए विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने मलेरिया और डेंगू जैसी बरसाती मौसम वाली बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किए गए प्रबंधों का जायजा भी लिया। उन्होंने विभाग को इन बीमारियों से निपटने के लिए उचित मात्रा में दवाएं और अन्य साजो-सामान की व्यवस्था यकीनी बनाने को कहा। भगवंत मान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए अन्य विभागों के साथ भी तालमेल करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड, डेंगू और मलेरिया से बचाव संबंधी लोगों को अवगत करवाने के लिए मुहिम मददगार होगी। लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक एहतियात बरतने के लिए जागरूक करने के लिए यह समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गैर-सरकारी संगठनों और आम लोगों के सहयोग से इस दिशा में हर संभव कदम उठाया जाएगा।
इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंस योजना में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने विभाग को एसएएस नगर (मोहाली) में पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर और बाइलरी साइंस स्थापित करने के काम में तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी यकीनी बनाने के लिए कहा कि इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट का काम दिसंबर तक पूरा होना यकीनी बनाया जाए। भगवंत मान ने उम्मीद जताई की है कि यह प्रोजेक्ट लोगों को सस्ती दरों पर मानक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करेगा।