काश्वी, पुनीता बावा और सलोनी राणा।
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पीजीआई के तहत आने वाले सामुदायिक चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर प्रो. मधु गुप्ता ने 2003 में ज्वॉइन किया। बच्चों को वैक्सीन से सुरक्षित करने के अभियान में वह अहम भूमिका निभा रही हैं। बच्चों के वैक्सीन पैंटावेलेन, रोटा वायरस, मिजिल्स-रूबैला की सफलता में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी योग्यता को देखते हुए ही सरकार और पीजीआई प्रशासन ने उन्हें कोरोना महामारी से बचाव के लिए बनाई गई कोविशिल्ड वैक्सीन की ट्रायल कमेटी की प्रिंसिपल कोआर्डिनेटर भी बनाया था। इनकी देखरेख में शुरू हुआ ट्रायल भी सफल रहा। प्रो. मधु ने बताया कि मौजूदा समय में टीबी से बचाव के लिए वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई हैं।
दीक्षा ने अभिनय में दिखाया दम विदेशी परदे पर भी रंग बिखेरा
सेक्टर- 36 निवासी दीक्षा शर्मा ने वर्ष 2014 में थिएटर आर्ट्स से जुड़कर अभियन की शुरुआत की। अभिनय के दम पर सबका मन मोह लेने वाली दीक्षा को देश ही नहीं विदेशों में भी अभिनय का मौका मिला। दीक्षा ने रानी बलबीर कौर के साथ भी काम किया है। फिल्म ‘फ्लाइंग जट’ में दीक्षा ने अभिनय का लोहा मनवाया है। इसके बाद तो उन्हें विज्ञापन में भी काम करने का मौका मिला। रामलीला में सीता के अभिनय से आगाज करने वाली दीक्षा ने देश-विदेश में कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया और टेक्सास में उनके काम को काफी सराहा गया। कैलिफोर्निया में उन्हें पुरस्कार से नवाजा। उन्होंने रियलिटी शो में भी काम किया है।
रामलीला मंच से आगाज नौकरी के साथ ईक्षा ने अभिनय में कमाया नाम
सेक्टर-49डी की रहने वाली ईक्षा ने नौकरी के साथ रंगमंच और अभिनय के दम पर मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अभिनय की शुरुआत रामलीला से की। इसके बाद कई नाटकों में संजीदा अभिनय कर लोगों के दिल में छाप छोड़ने में कामयाब रहीं। वाणिज्य क्षेत्र में नौकरी करने वाली ईक्षा का कहना है कि उन्हें अभिनय के शौक ने इस मुकाम पर पहुंचाया है। वह शाम के समय और छुट्टी के दिन अपना समय रंगमंच और अभिनय को देती हैं। वेब सीरीज ब्लाइंड डेट और ब्रोकन हार्ट में काम करने के साथ गानों में भी अभिनय का जलवा बिखेर चुकी हैं।
रितिका ने पढ़ाया शिक्षा का पाठ, राष्ट्रपति से मिला पुरस्कार
पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग से एमएससी की छात्रा रितिका वर्मा पांच साल से समाज सेवा कर नाम कमा रही हैं। मोहाली की रहने वाली रितिका धनास गांव के लोगों में लगातार जागरूकता फैला रही हैं। वह स्वच्छता, जल संरक्षण, पॉक्सो एक्ट, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, मलेरिया आदि के बारे में लोगों को बताती रहती हैं। उन्होंने एनएसएस में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। कोरोना काल में लोग घरों में कैद थे, लेकिन उनके हौसले बुलंद थे। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को कोरोना से बचाव के तरीके बताए। उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए राष्ट्रपति ने एनएसएस के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं। उनका कहना है कि समाज सेवा कर दिल को सुकून मिलता है।