हरियाणा सरकार मनमानी पर उतारू मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ शिकंजा कसने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों का भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार कर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों यानि डीईओ को भेज दिए गए हैं। उनके आधार पर ही स्कूलों की जांच होगी और पंजीकरण न कराने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी।
सरकार के आदेशानुसार गरीब बच्चों के दाखिले के लिए शिक्षा विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। विभाग ने निजी स्कूलों को पंजीकरण के निर्देश दिए थे, लेकिन अनेक स्कूलों ने तीन-चार बार तारीख बढ़ाने के बावजूद पंजीकरण नहीं कराया है। शिक्षा निदेशालय ने चेतावनी भी जारी की, लेकिन निजी स्कूल एसोसिएशन अपने मुद्दों को लेकर अड़े हैं। स्कूल संचालकों का तर्क है कि गरीब बच्चों के दाखिले के लिए वे पंजीकरण को तैयार हैं, लेकिन विभाग नए सिरे से फीस निर्धारित करे।
उधर, सोमवार को विभाग ने नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों के पंजीकरण को लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। इस मामले में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों के साथ 26 अक्तूबर को सुबह 11 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अगली रणनीति बनाई जाएगी।
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जिन मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों ने पोर्टल पर पंजीकरण नहीं किया है, उन सभी स्कूलों की सूची कारण सहित ई-मेल पर मांगी जा चुकी है। सूची खंगालने के बाद विभाग कार्रवाई शुरू करेगा।