-महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव के बाद होगा हरियाणा कांग्रेस में बदलवा
-ईवीएम में गड़बड़ी पर प्रदेश कमेटी और हाईकमान दोनों ही एक राय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद हरियाणा कांग्रेस में उठी बदलाव की अटकलों के बीच अभी हाईकमान बदलाव के मूड में नहीं है। हाईकमान अभी महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनावों में व्यस्त है। वहीं, किसी भी बदलाव से पहले हाईकमान दोनों फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों की रिपोर्ट का आकलन करेगा। दोनों रिपोर्ट को देखने के बाद ही हाईकमान किसी नतीजे पर पहुंचेगा।
हरियाणा में हार के बाद प्रभारी दीपक बाबरिया इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं और प्रधान उदयभान को भी बदलने की अटकलें चल रही हैं। इसी प्रकार, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दोबारा से विधायक दल का नेता नहीं चुनने की भी खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि, अचानक से अब हाईकमान ने हरियाणा के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। महाराष्ट्र और झारखंड के चुनाव होने के बाद ही हरियाणा का नंबर आएगा। हाईकमान का मानना है कि तब तक दोनों फैक्ट फाइंडिंग कमेटियों की रिपोर्ट भी तैयार हो जाएगी। हाईकमान ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल और हरियाणा कांग्रेस ने कर्ण दलाल की अध्यक्षता में कमेटी बनाई हुई हैं। हालांकि, दोनों ही कमेटियां इस बात पर सहमत हैं कि गुटबाजी और एकजुट नहीं होने के चलते पार्टी हारी है, लेकिन दोनों ही कमेटियां ईवीएम में गड़बड़ी को भी जिम्मेदार ठहरा रही हैं। इसलिए हाईकमान जल्दबाजी में हरियाणा में कोई बदलाव करने के मूड नहीं है, ताकि ईवीएम का मामला दब न जाए। अब हरियाणा कांग्रेस और हाईकमान दोनों ही ईवीएम को मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं।